बहरीन और कुवैत ने अपनी वायुसेना के लड़ाकू विमान भेजकर ईरान के भीतर मौजूद मिसाइल डिपो और ड्रोन भंडारण स्थलों को सीधे निशाना बनाया है. इस जवाबी हमले को अंजाम देने के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रणनीतिक मदद, इंटेलिजेंस और डिफेंसिव एयर कवर प्रदान किया है.