ईरान-अमेरिका युद्ध में अमेरिका ने B-1, B-2 और B-52 जैसे तीन रणनीतिक बॉम्बर्स को बड़े पैमाने पर तैनात कर सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. इन अभियानों से ईरान के एयर डिफेंस और सैन्य ढांचे पर दबाव बढ़ा है, जिससे संघर्ष और अधिक तीव्र हो गया है.