navratri special: हर साल शारदीय नवरात्र के दरमियान में भक्तगण मां भगवती दुर्गा की पूजा करते हैं. इस वर्ष मां जगत महारानी हाथी पर सवार होकर आएगी, ये संयोग बेहद खास होगा. वहीं माँ दुर्गा की अराधना पूरे विधि-विधान एवं सच्चे मन से करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होगी. शारदीय नवरात्र के 9 दिनों में माता के अनेक रूपों की पूजा की जाती है. वहीं मां जगत जननी अपने नौ रूपों में भक्तों का कल्याण करती हैं. मां के प्रथम शैलपुत्री रूप से लेकर कालरात्रि रूप तक माता के सभी रूप अत्यंत शुभ और मनोवांछित फल प्रदान करने वाली हैं.
माँ दुर्गा को लाल रंग बहुत पसंद है. माता की पूजा लाल रंग के पुष्प, लाल रंग की चुनरी, लाल चंदन, लाल वस्त्र आदि से करना चाहिए. जो भक्त मां की पूजा करने से पहले लाल वस्त्र धारण करता है. उससे मां अति प्रसन्न होती है. आपको बता दें कि माँ दुर्गा की पूजा का शुभ दिन शुक्रवार माना जाता है. इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए कि, नवरात्र में आप भगवती दुर्गा के मंत्रों का जाप करें.
नवरात्र में मंत्रों के जाप में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर या गलत तरीकों से मंत्र जाप करने से जीवन में कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. जबकि मंत्र का गलत उपयोग करने से कई बार जीवन बर्बाद हो जाता है. इसलिए भगवती माँ दुर्गा की पूजा करते वक्त मंत्र का जाप सावधानी से करने की जरूरत है.
शास्त्रों के मुकाबिक कुंवारी कन्याएं माता के समान ही पवित्र व पूजनीय मानी जाती हैं. 2 साल से लेकर दस साल तक की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप ही होती हैं. यही वजह है कि, नवरात्रि में कुंवारी कन्याओं का विधिवत पैर पूजन कर उन्हें श्रद्धा के साथ भोजन करा कर घर से विदा किया जाता है.