Manoj Kumar: भारतीय सिनेमा के सुपर हिट अभिनेता और फिल्म निर्देशक मनोज कुमार का 87 वर्ष की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया. कुमार को विशेष रूप से अपनी देशभक्ति फिल्मों और ‘भारत कुमार’ के उपनाम के लिए पहचाना जाता था. उन्होंने अपने दमदार अभिनय से लाखों दिलों पर राज किया. हालांकि, 1999 के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया को त्याग दिया था, लेकिन आज के युवाओं के बीच भी उनकी फिल्में फेमस है.
मनोज कुमरा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा उन्हें 1992 में पद्म श्री और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. भारतीय सिनेमा और कला में उनके योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा 2015 में सिनेमा के क्षेत्र में सर्वोच्च पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है.
बॉलीवुड अभिनेता ने दशकों तक भारतीय सिनेमा में अपना अपार योगदान दिया है. मिल रही जानाकारी के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार शनिवार को मुंबई में किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई है. साथ ही यह भी जानकारी मिल रही जानकारी के मुताबिक कुमार पिछले कुछ महीनों से डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे. जिसकी वजह से वह काफी कमजोर भी हो गए थे. उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. मनोज कुमार न केवल एक अभिनेता और निर्देशक थे, बल्कि उन्होंने फिल्म उद्योग में एक पटकथा लेखक, गीतकार और संपादक के रूप में भी अपना योगदान दिया है.
मनोज के निधन की खबर से फिल्म जगत में ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है. फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने कहा कि महान दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता, हमारी प्रेरणा और भारतीय फिल्म उद्योग के 'शेर', मनोज कुमार जी अब नहीं रहे. यह उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है और पूरा उद्योग उन्हें याद करेगा. वहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा कि महान अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार जी के निधन से बहुत दुखी हूं. वे भारतीय सिनेमा के प्रतीक थे, जिन्हें विशेष रूप से उनकी देशभक्ति के जोश के लिए याद किया जाता था, जो उनकी फिल्मों में भी झलकता था. मनोज जी के कामों ने राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रज्वलित किया और पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. ओम शांति.