US travel Advisories: अमेरिका के पांच नाटो सहयोगियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आव्रजन अधिकारियों द्वारा सीमा पर कई पर्यटकों को बार-बार हिरासत में लिए जाने के बाद नए यात्रा परामर्श जारी किए हैं. मिल रही जानकारी के मुताबिक डेनमार्क, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और फिनलैंड ने अपने दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है.
जारी की गई चेतावनी में कहा गया कि विदेश विभाग ने ट्रांसजेंडर, इंटरसेक्स और नॉनबाइनरी लोगों को अपने पासपोर्ट पर सेक्स फ़ील्ड अपडेट करने की अनुमति देने वाली अपनी नीति को निलंबित कर दिया है.
ओटावा ने अमेरिका और चीन के लिए अपने यात्रा परामर्शों को अपडेट किया है. जारी किए गए नए अपडेट के मुताबिक 30 दिनों से अधिक समय तक संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले नागरिकों को पंजीकरण कराना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें दंड का सामना करना पड़ सकता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने पंजीकरण को अनिवार्य कर दिया था. इससे पहले, कनाडाई लोगों को अमेरिका की यात्रा करने के लिए वीज़ा ले जाने या पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं थी.
निर्देष के मुताबिक 30 दिनों से अधिक समय के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करने वाले कनाडाई और अन्य विदेशी नागरिकों को संयुक्त राज्य सरकार के साथ पंजीकृत होना चाहिए. पंजीकरण की आवश्यकता का पालन न करने पर दंड, जुर्माना और मुकदमा चलाया जा सकता है.
स्थानीय मीडिया वेबसाइट DER SPIEGEL की रिपोर्ट के अनुसार जर्मन विदेश कार्यालय द्वारा भी नागरिकों की चेतावनी जारी की गई है. जिसके मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फॉर ट्रैवल ऑथराइजेशन (ESTA) या वीज़ा का उपयोग करने से अमेरिका में प्रवेश करने का अधिकार नहीं मिलता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश कार्यालय का कहना है कि केवल अमेरिकी सीमा अधिकारियों के पास ही किसी पर्यटक को देश में प्रवेश करने देने का अंतिम अधिकार है.
यूके विदेश कार्यालय ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि उन्हें 'प्रवेश, वीज़ा और प्रवेश की अन्य सभी शर्तों का पालन करना चाहिए'. जारी किए गए निर्देश में कहा गया कि अमेरिका में अधिकारी प्रवेश के नियम सख्ती से निर्धारित करते हैं और उन्हें लागू करते हैं. यदि आप नियम तोड़ते हैं तो आपको गिरफ़्तार या हिरासत में लिया जा सकता है. यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि ये आवश्यकताएं आप पर कैसे लागू होती हैं, तो यू.एस. दूतावास या यू.के. में वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें.
अपने परामर्श में, डेनमार्क और फ़िनलैंड ने नागरिकों को चेतावनी दी. फ़िनलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका केवल दो लिंगों को मान्यता देता है और यदि आवेदक के पासपोर्ट पर सूचीबद्ध लिंग 'जन्म के समय निर्धारित लिंग से मेल नहीं खाता है, तो उनके यात्रा परमिट या वीज़ा आवेदन को अस्वीकार किया जा सकता है.