डोनाल्ड ट्रंप का दावा! उनकी चेतावनी से हिल गया BRICS, 150% टैरिफ की दी थी चेतावनी

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ब्रिक्स को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. कुछ दिनों पहले उन्होंने कहा था कोई भी ब्रिक्स देश जो डॉलर के विनाश करने की कोशिश करेगा उस पर 150 प्रतिशत का टैरिफ़ लगाया जाएगा. अब उनका दावा है कि उनके द्वारा दी गई इस चेतावनी के बाद से ब्रिक्स देशों से इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई है. 

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Courtesy: Social Media

Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आने के बाद से लगातार परिवर्तन में लगे हुए हैं. खास कर उन सभी देशों पर ज्यादा ध्यान देने में लगें हैं, जिनके कारण अमेरिका और यहां की करेंसी को नुकसान पहुंच रहा है. किसी भी हाल में अमेरिकी प्रेसिडेंट कोई भी कंपरमाइज करने के लिए तैयार नहीं है. इसी क्रम में उन्होंने ब्रिक्स को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. 

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ब्रिक्स देशों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे (ब्रिक्स में शामिल देश) अमेरिकी डॉलर को नष्ट करने या उसे किसी वैकल्पिक मुद्रा से बदलने की कोशिश करेंगे, तो उन पर 150% टैरिफ़ लगाया जाएगा. इसके बाद उन्होंने दावा किया कि उनकी धमकी के बाद ब्रिक्स देशों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली.  

डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी प्रेसिडेंट ने 13 फरवरी को एक बयान में कहा था कि ब्रिक्स देश हमारे डॉलर को नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे. वे एक नई मुद्रा बनाना चाहते थे. इसलिए जब मैं आया तो मैंने सबसे पहले यही कहा कि कोई भी ब्रिक्स देश जो डॉलर के विनाश करने की कोशिश करेगा उस पर 150 प्रतिशत का टैरिफ़ लगाया जाएगा. उन्होंने साफ किया था कि ऐसा करने वालों से हम कोई भी सामान लेना नहीं चाहते हैं. ट्रंप का कहना है कि उनके द्वारा दी गई इस चेतावनी के बाद से ब्रिक्स देशों से इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की गई है. 

दुनिया के ये 10 देश 

बता दें कि ब्रिक्स (BRICS) एक अंतर-सरकारी संगठन है. जिसमें वर्तमान में दुनिया के 10 देश शामिल हैं. इन सभी देशों के नाम के अक्षरों से ही इस संगठन को नाम दिया गया है. जिसमें  ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ़्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी शामिल है. यह संगठन हर साल एक सम्मेलन आयोजित कर दुनिया भर को एक समूह के रूप में जोड़ता है. 2023 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डी-डॉलराइजेशन की वकालत की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि ब्रिक्स देशों को राष्ट्रीय मुद्राओं में लेन-देन का विस्तार करना चाहिए और बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाना चाहिए. हालांकि ट्रंप के इस बयान से अमेरिका और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है.  

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