Anoushka Kale : ब्रिटेन की प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी यूनियन सोसाइटी में भारतीय मूल की छात्रा अनुष्का काले ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है. अनुष्का काले को आगामी ईस्टर 2025 कार्यकाल के लिए इस ऐतिहासिक सोसाइटी का अध्यक्ष चुना गया है. यह यूनियन सोसाइटी दुनिया की सबसे पुरानी वाद-विवाद सोसाइटी में से एक मानी जाती है और 1815 से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति अपने समर्पण के लिए प्रसिद्ध है.
हाल ही में हुए चुनाव में अनुष्का काले ने 126 वोट हासिल किए और निर्विरोध रूप से अध्यक्ष के रूप में चुनी गईं. इसके साथ ही वह कैम्ब्रिज यूनियन सोसाइटी की अध्यक्ष बनने वाली भारतीय मूल की पहली छात्रा बन गईं हैं. काले ने सोसाइटी की सेवारत वाद-विवाद अधिकारी के रूप में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने वाले विभिन्न मंचों पर काम किया. जैसे कि इंडिया सोसाइटी जिससे उनके चुनाव अभियान को बल मिला.
अपनी ऐतिहासिक जीत पर अनुष्का काले ने कहा कि मैं ईस्टर 2025 के लिए कैम्ब्रिज यूनियन सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर बेहद प्रसन्न और सम्मानित महसूस कर रही हूँ. मैं सदस्यता के समर्थन के लिए आभारी हूँ और मैं इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह से समर्पित हूं. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक सोसाइटियों जैसे इंडिया सोसाइटी के साथ अधिक सहयोग की दिशा में काम करने का भी वादा किया. काले ने यह भी कहा कि वह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं और वैश्विक वाद-विवाद प्रस्तावों को लेकर उत्साहित हैं, जैसा कि उन्होंने वाद-विवाद अधिकारी के रूप में पहले किया था.
कैम्ब्रिज यूनियन सोसाइटी जो अपने चैंबर में प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों की मेज़बानी करने के लिए प्रसिद्ध है. अब तक अमेरिका के राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट, रोनाल्ड रीगन, और यूके के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल, मार्गरेट थैचर जैसे नेताओं की उपस्थिति रही है. इसके अलावा, स्टीफन हॉकिंग, बिल गेट्स और दलाई लामा जैसे वैज्ञानिक और धार्मिक नेता भी यहाँ आ चुके हैं. 20 वर्षीय अनुष्का काले जो कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सिडनी ससेक्स कॉलेज में अंग्रेजी साहित्य की छात्रा हैं. दक्षिण एशियाई विरासत से संबंधित कुछ प्रमुख महिला सदस्याओं में से एक हैं. इस समय कैम्ब्रिज यूनियन सोसाइटी वित्तीय दबावों और ऐतिहासिक भवनों की रख-रखाव लागत में वृद्धि के कारण कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है. बावजूद इसके काले का नेतृत्व इस संगठन के भविष्य को लेकर उत्साहजनक दृष्टिकोण दिखाता है.