दीर अल-बला: हमास के साथ 15 महीने के युद्ध में बुरी तरह तबाह हो चुके गाजा पट्टी के उत्तरी क्षेत्र में सोमवार को हजारों की तादाद में फलस्तीनी अब लौटने लगे. संघर्षविराम लागू होने के बाद इजराइल ने पहली बार इस क्षेत्र में लोगों की वापसी की अनुमति दी.
कई लोगों को सामान के साथ पैदल ही मुख्यमार्ग से होकर जाते देखा गया, जिससे मार्ग पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. राजमार्ग से गुजरते लोगों का यह नजारा युद्ध की शुरुआत में उत्तरी क्षेत्र से बड़े पैमाने पर हुए पलायन के विपरीत था. हालांकि कई फलस्तीनियों को डर था कि इजराइल द्वारा उत्पन्न यह स्थिति अब स्थायी बनी रहेगी और वे कभी अपने क्षेत्र वापस नहीं आ सकेंगे.
एक साल से अधिक समय से स्कूलों में बने आश्रयों में और तंबुओं में शरण लिए हुए ये फलस्तीनी अपने घर लौटने को बेताब हैं जबकि वे इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि अब उनका आशियाना तबाह हो चुके होंगे.
कई लोगों ने इजराइल के सैन्य अभियान के बाद फलस्तीनियों की वापसी को एक साहसिक कदम बताया और कहा कि ऐसा करके उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सुझाव को अस्वीकार कर दिया कि बड़ी संख्या में फलस्तीनियों को मिस्र और जॉर्डन में पुन: बसाया जाना चाहिए. सात अक्टूबर, 2023 को इजराइल को निशाना बनाकर किए गए हमास के हमले के जवाब में इजराइल की सेना ने युद्ध की शुरुआत की थी.
चार बच्चों के पिता इस्माइल अबू मतीर ने अपने परिवार के साथ नदी पार करने से पहले तीन दिन तक इंतजार किया था. उन्होंने घर वापसी पर खुशी के दृश्यों का बयां किया, जहां लोग खुशी से गा रहे थे, प्रार्थना कर रहे थे और अपने रिश्तेदारों से मिलकर रो रहे थे.
मतीर ने कहा, ‘‘यह लौटने की खुशी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने सोचा था कि हम अपने पूर्वजों की तरह वापस नहीं लौटेंगे.’’ मतीर के रिश्तेदार उन लाखों फलस्तीनियों में शामिल थे, जो 1948 में हुए युद्ध के दौरान पलायन कर गए थे लेकिन फिर कभी वापस नहीं आ सके.
हमास और इजराइल के बीच विवाद के कारण उत्तरी क्षेत्र में लोगों की वापसी में देरी हुई. इजराइल का आरोप था कि आतंकवादी समूह ने सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों के बदले में रिहा किए जाने वाले बंधकों के क्रम में बदलाव किया था। हालांकि, वार्ताकारों ने देर रात विवाद सुलझा लिया.
हमास ने कहा कि यह वापसी ‘‘हमारे लोगों की जीत है तथा (इजराइली) कब्जे और हस्तांतरण योजनाओं की विफलता और हार की घोषणा है.’’
युद्ध के शुरुआती दिनों में इजराइल ने उत्तरी क्षेत्र को पूरी तरह से खाली करने का आदेश दिया था और जमीनी सैनिकों के आने के कुछ समय बाद ही इसे सील कर दिया था. अक्टूबर 2023 में लगभग दस लाख लोग दक्षिण की ओर पलायन कर गए और उन्हें वापस लौटने की अनुमति नहीं दी गई. लाखों लोग उत्तरी क्षेत्र में रह गए, जहां युद्ध के दौरान सबसे भीषण लड़ाई और सबसे भयानक विनाश हुआ.
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने कहा कि संघर्ष विराम लागू रहेगा और जो कोई भी इसका उल्लंघन करेगा या इजराइली सेना को धमकी देगा, उसे ‘‘पूरी कीमत चुकानी होगी.’’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हम सात अक्टूबर की घटना को दोहराने की अनुमति नहीं देंगे.’’
इजराइल ने सीमा पार करने वाले ‘क्रॉसिंग’ को खोलने में देरी की. इजराइल ने कहा था कि वह तब तक फलस्तीनियों को उत्तर की ओर जाने की अनुमति नहीं देगा जब तक कि महिला नागरिक बंधक अर्बेल येहूद को रिहा नहीं कर दिया जाता. इजराइल ने यह आरोप भी लगाया कि हमास ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी कि पहले चरण में रिहा किए जाने वाले शेष बंधक जीवित हैं या मृत.
बदले में हमास ने इजराइल पर ‘क्रॉसिंग’ नहीं खोलकर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.
हमास के साथ प्रमुख वार्ताकार एवं मध्यस्थ खाड़ी देश कतर ने सोमवार को घोषणा की कि शुक्रवार से पहले येहूद तथा दो अन्य बंधकों को रिहा करने पर सहमति बन गई है.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि बंधकों की रिहाई बृहस्पतिवार को होगी. बंधकों में महिला सैनिक अगम बर्गर भी शामिल हैं. यह रिहाई अगले शनिवार को पहले से तय की गई रिहाई के अलावा होगी, जब तीन बंधकों को रिहा किया जाना है.
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