कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से होगी शुरू, चीन से बातचीत पर मिली मंजूरी

भारत और चीन के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसमें दोनों देशों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है. इस निर्णय के साथ ही दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और एक नई दिशा में मजबूती लाने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने की योजना बनाई है. 

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Courtesy: Social Media

भारत और चीन के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसमें दोनों देशों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है. इस निर्णय के साथ ही दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और एक नई दिशा में मजबूती लाने के लिए कुछ जन-केंद्रित कदम उठाने की योजना बनाई है. 

फिर से शुरू होगी मानसरोवर यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो भगवान शिव के पवित्र स्थल के रूप में जानी जाती है, भारतीय श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा मानी जाती है. हालांकि, भारत-चीन सीमा पर कई मुद्दों के चलते इस यात्रा को कई सालों तक स्थगित कर दिया गया था. लेकिन अब दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों ने मिलकर इस यात्रा को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे भारतीय श्रद्धालुओं को एक बार फिर इस पवित्र स्थल तक पहुंचने का अवसर मिलेगा.

Kailash Mansarovar Yatra
Kailash Mansarovar Yatra Social Media

यह समझौता न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में भी सहायक हो सकता है. इस तरह के कदम दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देते हैं, जिससे द्विपक्षीय मुद्दों पर अधिक सकारात्मक संवाद और समाधान की उम्मीद है.

इसके अलावा, भारत और चीन ने यह भी आश्वासन दिया है कि वे आगे चलकर जन-केंद्रित अन्य उपायों को भी लागू करेंगे, ताकि दोनों देशों के बीच एक स्थिर और सकारात्मक संबंध बना रहे. यह कदम निश्चित रूप से भारत-चीन संबंधों के लिए एक नया अध्याय खोलने जैसा है.

हवाई सेवाएं होंगी फिर से शुरु

भारत और चीन ने सीधी हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई, जिससे दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार को नए आयाम मिलेंगे. यह फैसला दोनों देशों के बीच संवाद और आदान-प्रदान को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. 

विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और उन्हें फिर से मजबूती देने के लिए जन-केंद्रित उपायों को लागू करने पर भी सहमति बनाई. सीधी हवाई सेवाओं का पुनरारंभ न केवल यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि लोगों और व्यवसायों के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा. 

यह सहमति भारत और चीन के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग को दर्शाती है, जिससे भविष्य में दोनों देशों के संबंधों में और सुधार की उम्मीद की जा रही है.

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