म्यांमार में आई इस तबाही ने ली हजारों की जान, मुश्किल समय में दुनिया के कई देशों ने बढ़ाई मदद की हाथ

म्यांमार और बैकॉक में भूकंप ने बुरी तरह तबाही मचा दी है. हालांकि दोनों देशों के लिए इस खराब समय पर दुनिया के अलग-अलग देशों ने मदद की हाथ बढ़ाई है. यूनाइटेड किंगडम, भारत और चीन समेत कई देशों ने इस विपदा के समय पर मदद के लिए आगे आए हैं.

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Courtesy: Social Media

Myanmar Earthquake: म्यांमार में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप ने जबरदस्त तबाही मचाई है. इस तबाही में लगभग 1,650 लोगों की जान चली गई. वहीं, तीन हजार से भी अधिक लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं. इसके अलावा, सैंकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है. इस भीषण भूकंप के बाद म्यांमार की राष्ट्रीय एकता सरकार (एनयूजी) पीड़ितों को हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटी है. हालांकि, इस समय सरकार खुद सत्तारूढ़ सेना के खिलाफ संघर्ष से निपट रही है. 

देश में अचानक आए इस विपदा को ध्यान में रखते हुए शनिवार को एकतरफा आंशिक युद्धविराम की घोषणा की गई है. फरवरी 2021 में आंग सान सू की की नागरिक सरकार को हटाने के बाद से देश की सेना कई मोर्चों पर गृहयुद्ध लड़ रही है. इसका विरोध पीपुल्स डिफेंस फोर्स और जातीय सशस्त्र संगठन दोनों कर रहे हैं, जिनमें से कई दशकों से लड़ रहे हैं.

मानवीय सहायता के लिए पहुंचा यूके 

म्यांमार का पड़ोसी थाईलैंड भी इस भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ. हालांकि अभी यहां मरने वालों की संख्या 10 बताई गई है लेकिन लगभग 78 लोगों के लापता होने की खबर है. इस भूकंप ने बैंकॉक को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है. बैंकॉक में हर दिन हजारों पर्यटक घूमने पहुंचते हैं. इन पर्यटकों में डर का माहौल है. हालांकि दोनों देशों के लिए इस खराब समय पर दुनिया के अलग-अलग देशों ने मदद की हाथ बढ़ाया है. यूनाइटेड किंगडम की ओर से शनिवार को म्यांमार के लिए मानवीय सहायता के रूप में 10 मिलियन पाउंड यानी कि 1,10,71,40,000.00 भारतीय रुपये देने का वादा किया गया है. जिसमें कहा गया कि यह मदद राशि भूकंप से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को सहायता देगी. इससे भोजन और पानी की आपूर्ति के साथ दवा और आश्रय के लिए काम किया जाएगा. 

भारत का ऑपरेशन ब्रह्मा बचाव कार्य में जुटा

भारत ने भी इस खराब समय में मदद की हाथ आगे बढ़ाई है. भारत सरकार के ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत 118 सदस्यीय भारतीय सेना फील्ड अस्पताल इकाई को लेकर दो सी-17 विमान 60 टन राहत सामग्री के साथ म्यांमार पहुंची. जिससे पड़ोसी देश को बचाव और राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मिशन को लेकर कहा कि इस इकाई में महिला और बाल देखभाल सेवाएं भी शामिल हैं. राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल यानी की एनडीआरएफ के शेष 38 कर्मियों और 10 टन राहत सामग्री के साथ एक दूसरा सी-130 विमान भी नेपीता में उतरा है. विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि 60 पैरा फील्ड एम्बुलेंस ले जाने वाले दो सी-17 विमान जल्द ही उतरेंगे.

इन देशों ने भी भेजी मदद 

इसके अलावा इस खराब समय पर चीन ने म्यांमार में बचावकर्मियों की 82 सदस्यीय टीम भेजी है. बीजिंग ने यह भी कहा कि वह आपातकालीन मानवीय सहायता के रूप में 100 मिलियन युआन यानी कि 1,17,68,90,000.00 भारतीय रुपया प्रदान करेगा. सोमवार से इसकी पहली खेप शुरू की जाएगी. सरकार ने कहा कि हांगकांग ने भी 51 लोगों की टीम, दो खोजी और बचाव कुत्तों और नौ टन उपकरणों, जिसमें जीवन डिटेक्टर को तैनात किया है. इनके अलावा मलेशिया, फिलीपींस और दक्षिण कोरिया ने भी म्यांमार के लिए मदद भेजी है.

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