नई दिल्ली : कतर ने मंगलवार को घोषणा की कि वह भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौते (BIPPA) पर वार्ता को तेज करने के लिए कदम उठाने को तैयार है. कतर के वाणिज्य और उद्योग मंत्री शेख फैसल बिन थानी बिन फैसल अल थानी ने यह जानकारी दी और दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
शेख फैसल अल थानी ने कहा कि भारत अब कतर का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के व्यवसायों को निवेश और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए अधिक अवसरों की तलाश करनी चाहिए.
कतर के वाणिज्य मंत्री ने भारतीय निवेशकों को कतर की अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने यह भी कहा, “हमने अपने निवेश तंत्र का आधुनिकीकरण किया है, और हम नए द्विपक्षीय निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौते के लिए बातचीत को तेज करने की दिशा में कदम उठाने को तैयार हैं.”
2000 से 2024 के बीच भारत को कतर से 1.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त हुआ है. 2022-23 में द्विपक्षीय व्यापार 18.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जो 2023-24 में घटकर 14 अरब डॉलर हो गया है. कतर के प्रमुख निर्यातों में एलएनजी, एलपीजी, रसायन, पेट्रोरसायन, प्लास्टिक और एल्युमीनियम उत्पाद शामिल हैं. वहीं भारत के प्रमुख निर्यातों में अनाज, तांबे के उत्पाद, इस्पात, सब्जियां, फल, मसाले और इलेक्ट्रिकल मशीनरी शामिल हैं.
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और कतर के बीच ऊर्जा व्यापार की बढ़ती प्रवृत्ति के बावजूद, अन्य उत्पादों के व्यापार को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, “अब हम एक नए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, जहां हम ऊर्जा को अपने व्यापार का आधार बनाने से हटकर नई प्रौद्योगिकियों जैसे कृत्रिम मेधा (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अवसरों की तलाश करेंगे.”
गोयल ने कतर के व्यवसायों को भारत में निवेश के अवसर तलाशने के लिए भी आमंत्रित किया. इस अवसर पर दो सहमति पत्रों (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए – एक भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और क्यूबीए (कतर व्यवसायी संघ) के बीच, और दूसरा 'इन्वेस्ट कतर' और 'इन्वेस्ट इंडिया' के बीच. इसके अलावा, कतर नेशनल बैंक गुजरात के 'गिफ्ट' सिटी में एक कार्यालय स्थापित करके भारत में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहा है.
भारत और कतर के बीच व्यापारिक समझौतों पर बातचीत के सवाल पर गोयल ने कहा कि दोनों देशों के लिए खुले दृष्टिकोण से समझौते की दिशा में बातचीत की जा रही है. गोयल ने यह भी बताया कि कतर के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है, और जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) के अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों की चर्चा हो रही है.
भारत और कतर के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और प्रगति की दिशा में ले जाने का संकेत है.