United States on Syria: सीरिया में हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के विद्रोहियों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंका है और अब देश की राजधानी दमिश्क पर HTS का कब्जा है. असद और उनका परिवार अब सीरिया छोड़ चुके हैं. उनके 50 साल के शासन का अंत हो गया है. हालांकि HTS को कई देशों द्वारा आतंकी संगठन माना जाता है जिसमें अमेरिका भी शामिल है. लेकिन अब अमेरिकी प्रशासन का नजरिया इस समूह के प्रति बदलता दिख रहा है.
बिडेन प्रशासन के अनुसार अमेरिका अब एचटीएस को आतंकवादी संगठनों की सूची से हटाने पर विचार कर रहा है. मंगलवार को विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिका एक नई सीरियाई सरकार को मान्यता देगा जो आतंकवाद से मुक्त होगी. इसके साथ ही रासायनिक हथियारों के भंडार को नष्ट करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सरकार सीरिया में अल्पसंख्यकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और एक समावेशी, पारदर्शी प्रक्रिया का समर्थन करेगी.
ब्लिंकन ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका सीरिया और उसके क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करेगा ताकि असद की अपदस्थ सरकार से संक्रमण को सुनिश्चित किया जा सके. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अमेरिका किन समूहों के साथ मिलकर काम करेगा. लेकिन विदेश विभाग ने यह भी माना कि वह मुख्य सीरियाई विद्रोही समूहों के साथ बातचीत कर सकता है. असद के शासन के अचानक अंत ने अमेरिकी प्रशासन के लिए मध्य पूर्व में नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं. राष्ट्रपति जो बिडेन के नेतृत्व में अमेरिका ने यह संकेत दिया है कि सीरिया के लोगों को अपना भविष्य तय करने का अवसर मिलना चाहिए.
इस बदलाव पर डोनाल्ड ट्रम्प ने भी प्रतिक्रिया दी है. जिसमें उन्होंने अमेरिका से आग्रह किया कि वह इस क्षेत्र में सावधानी से कदम उठाए और इस लड़ाई से खुद को दूर रखे. ट्रम्प का कहना था कि सीरिया में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए और इसे एक स्थिर राजनीतिक प्रक्रिया के तहत सुलझाना चाहिए. ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका सीरिया के लोगों के अधिकारों के संरक्षण और उनके लोकतांत्रिक फैसलों का समर्थन करेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सरकार उस सीरियाई सरकार को मान्यता देगी. जो इन मूलभूत अधिकारों की रक्षा करती है और सीरिया के सभी समुदायों को समान प्रतिनिधित्व प्रदान करती है.