Badrinath Avalanche: उत्तराखंड के बद्रीनाथ के माणा गांव के पास बीआरओ शिविर में हुए हिमस्खलन में 55 मजदूर फंस गए. इस घटना का घटे 24 घंटे से भी ज्यादा हो चुका है और अभी भी आठ को बचाने के लिए भारतीय सेना और बचाव अभियान दल एक साथ काम कर रही है.
भारतीय सेना ने बचाव अभियान के दूसरे दिन कहा कि 14 और कर्मियों को बचा लिया गया है. उन्होंने बताया कि तीन कर्मियों की हालत गंभीर बनी हुई है. इनके इलाज के लिए इन्हें सिविल हेलीकॉप्टरों से जोशीमठ ले जाया गया है.
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मौसम में थोड़ी राहत के साथ, तीन घायल कर्मियों को भारतीय सेना द्वारा किराए पर लिए गए सिविल हेलीकॉप्टरों के मदद से गंभीर चिकित्सा के लिए माणा से जोशीमठ लाया गया है. उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के लिए विभिन्न एजेंसियों की मदद ली जा रही है. सभी उपलब्ध उपकरण और कर्मियों को काम में लगाया जा रहा है.
जनपद चमोली में माणा के निकट हुए हिमस्खलन क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 1, 2025
इसके उपरांत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए जिससे राहत एवं बचाव कार्य शीघ्र और प्रभावी रूप से संचालित हो सके। हमारी सरकार प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा और सहायता हेतु तत्परता के साथ… pic.twitter.com/Lf2xFcsQsD
बचाव कार्य में जुटे अधिकारियों ने बताया कि रात होने पर बचाव अभियान रोक दिया गया. जिससे भारी बर्फबारी और अधिक हिमस्खलन के खतरे के बीच शेष श्रमिकों का पता लगाना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया. पहले दिन के अंत तक खोज अभियान दल 33 श्रमिकों को बचाने में सफल रहे. उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने उल्लेख किया कि हिमस्खलन स्थल के बगल में सात फीट बर्फ होने के कारण यह कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास से लगातार बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.