नागपुर हिंसा के मुख्य आरोपी पर एक्शन, फहीम खान के घर पर चला बुलडोजर

महाराष्ट्र के नागपुर में हुए सांप्रदायिक हिंसा के मुख्य आरोप फहीम खान पर एक्शन लेते हुए उसके घर पर बुलडोजर चलाया गया है. हालांकि यह एक्शन अवैध निर्माण के कारण लिया गया है और उसकी सूचना पहले दी गई थी.

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Courtesy: Social Media

Nagpur Violence: महाराष्ट्र की दूसरी राजधानी नागपुर में हिंसा मामले के मुख्य आरोपी फहीम खान पर नगर निगम के अधिकारियों ने एक्शन लेते हुए उसके घर के अवैध हिस्से को गिरा दिया. नागपुर में 17 मार्च को औरंगजेब के कब्र को लेकर सांप्रदायिक हिंसा हुआ था. जिसमें कई लोग घायल हो गए थे और कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था. 

फहीम खान माइनॉरिटी डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के एक प्रमुख नेता हैं. जिनपर देशद्रोह के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है. हालांकि नागपुर नगर निगम ने उनके अवैध कब्जे पर बुलडोजर चलाने से पहले नोटिस भी जारी किया था. जिसके बाद एक्शन लेते हुए उनके घर को गिरा दिया गया. 

नोटिस के बाद नगर निगम का एक्शन

नागपुर नगम निगम की ओर से कहा गया कि नोटिस जारी कर के चेतावनी दी गई थी, इसके बाद उसे सही नहीं किया गया. जिसके बाद यह एक्शन लिया गया. जारी किए गए नोटिस में कई उल्लंघनों को चिह्नित किया गया था. नोटिस में स्वीकृत भवन योजना की अनुपस्थिति और निर्माण से संबंधित अन्य खामियों का हवाला दिया गया था. नागपुर के यशोधरा नगर क्षेत्र के संजय बाग कॉलोनी में स्थित यह संपत्ति खान की पत्नी के नाम पर पंजीकृत है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एनएमसी की चेतावनी मिलने के बावजूद कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण अधिकारियों को अनधिकृत संरचनाओं को हटाने के लिए आगे बढ़ना पड़ा. एमडीपी शहर प्रमुख खान वर्तमान में जेल में बंद हैं.

ऐसे फैलाया था हिंसा

महाराष्ट्र पुलिस के साइबर सेल ने कहा कि नागपुर हिंसा के एक आरोपी ने वीडियो बनाकर उसे लोगों के बीच फैलाया और सोशल मीडिया पर हिंसा के बारे में गलत जानकारी दी. जिसके कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में दंगे फैल गए. साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त लोहित मतानी ने मीडिया को बताया कि फहीम खान, औरंगजेब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के वीडियो को संपादित करके प्रसारित किया, जिसके कारण दंगे फैल गए. उसने हिंसक वीडियो का भी महिमामंडन किया. नागपुर में 17 मार्च को हिंसा भड़की थी जब यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक शिलालेखों वाली 'चादर' जलाई गई थी. इस हिंसा में पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

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