Pastor Bajinder Singh: पादरी बजिंदर सिंह को मंगलवार को मोहाली कोर्ट ने 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. मोहाली कोर्ट ने आरोपी की दया याचिका खारिज करते हुए कहा कि खुद को धार्मिक नेता बताने वाला व्यक्ति उन लोगों के खिलाफ ऐसा अपराध नहीं कर सकता जो उस पर आस्था रखते हैं.
पादरी बजिंदर सिंह यौन उत्पीड़न मामले में पीड़िता के वकील अनिल सागर ने कहा कि वह एक आध्यात्मिक नेता के रूप में लोकप्रिय थे. उनके अनुयायी उन्हें 'पापा जी' कहकर बुलाते थे. जब ऐसे व्यक्ति द्वारा ऐसा अपराध किया जाता है, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. हम सजा की अवधि से संतुष्ट हैं, जो कि आजीवन कारावास है. उसे अपनी आखिरी सांस तक सलाखों के पीछे रहना होगा.
पादरी बजिंदर सिंह को को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी ठहराया गया. इसके अलावा उनके ऊपर 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने की सजा) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत भी सजा मिली है. पिछले हफ्ते मोहाली की अदालत ने पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया था. इस मामले में पीड़िता ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह (बजिंदर) एक मनोरोगी है और जेल से बाहर आने के बाद भी यही अपराध करेगा. मेरे हिसाब से उनका जेल में रहना ही सही रहेगा. इस फैसले से आज बहुत सारी लड़कियों की जीत हुई है. इसके साथ उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मांगी है. महिला ने कहा कि मैं अनुरोध करती हूं कि हमारी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि इस फैसले के बाद हम पर हमले की संभावना है. पीड़िता के पति ने अदालत के फ़ैसले का स्वागत किया है.
पीड़ित के पति ने कहा कि हमने इस केस के लिए सात साल तक संघर्ष किया. वह (दोषी) कोर्ट को गुमराह करता था और विदेश यात्राएं करता था, जबकि कोर्ट के आदेश उसे ऐसा करने की अनुमति नहीं देते थे. मुझ पर फर्जी एफआईआर भी दर्ज की गई. इस दौरान मेरे ऊपर हमला भी किया गया. मैंने छह महीने जेल में बिताए और फिर मैंने उसे सजा दिलाने की ठानी. हमें न्यायपालिका पर भरोसा था. मैं चाहता हूं कि उसे कड़ी सजा मिले. पीड़िता के वकील अनिल सागर ने सख्त सजा की जरूरत पर जोर दिया. मुझे उम्मीद है कि इसके बाद ऐसे अपराधों का सामना करने वाली लड़कियां सामने आएंगी और अत्याचारों के बारे में बताएंगी.