नागपुर : महाराष्ट्र में भाजपा विधायक श्वेता महाले ने शुक्रवार को दावा किया कि उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र चिखली (बुलढाणा) में अवैध अतिक्रमण हटाने के अभियान के लिए गुमनाम पत्र के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है.
महाले ने बताया कि 20 फरवरी को एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कथित तौर पर धार्मिक घृणा से प्रेरित धमकियां दी गई थीं. उनका कहना है कि अवैध अतिक्रमण हटाने का कार्य उन्होंने पूरी निष्पक्षता से किया है और इसमें किसी भी समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह का कोई सवाल नहीं था.
महाले ने यह भी कहा कि कुछ गलत सूचना के कारण कुछ समूहों में नाराजगी फैल गई है, जो उनकी कार्रवाई के खिलाफ विरोध में उतरे हैं. विधायक ने पुलिस से अपील करते हुए कहा, "पुलिस को मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि ऐसी धमकियों का सामना करते हुए भी मैं अपने कर्तव्यों को निभा सकूं."
भाजपा विधायक के समर्थकों ने इस धमकी को लेकर दिनभर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की और एक ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले में त्वरित कदम उठाने का आग्रह किया.
यह घटना अतिक्रमण विरोधी अभियानों में बढ़ते तनाव और उन पर उठने वाले विवादों का संकेत देती है, जिनमें कभी-कभी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर चिंताएं उत्पन्न होती हैं.
महाले के द्वारा किए गए दावे से यह स्पष्ट होता है कि अवैध अतिक्रमण हटाने की कोशिशों में कई तरह के विवाद और संघर्ष सामने आ सकते हैं, जिनका असर स्थानीय राजनीति और समाज पर पड़ता है.
इस मामले में अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.