शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पहुंचा बुलडोजर, हिरासत में भेजे गए किसान नेता; जल्द शुरू होगा राजमार्ग!

Shambhu Border: पंजाब पुलिस द्वारा शंभू और खनौरी बॉर्डर को खाली करा दिया गया है. यहां पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जल्दद ही राजमार्गों को फिर से शुरू किया जाएगा.

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Courtesy: Social Media

Shambhu Border: पंजाब पुलिस द्वारा बुधवार को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर विरोध स्थलों को खाली कराया गया है. पुलिस ने बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड्स, वाहनों और अस्थायी ढांचों को भी हटा दिया है. इनकी वजह से एक साल से अधिक समय से राजमार्ग अवरुद्ध थे. पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबकि इन सभी अवरोधों को हटाने के बाद दोनों राजमार्गों को जल्द ही फिर से शुरू किया जाएगा. जिसे पिछले साल फरवरी महीने में विरोध प्रदर्शन के दौरान बंद किया गया था.

किसान नेता गुरमनीत सिंह मंगत ने मीडिया को बात करते हुए कहा कि सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह दल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को मोहाली में हिरासत में लिया गया. किसान नेता का कहना है कि  यह तब हुआ जब किसान नेता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए शंभू विरोध स्थल की ओर जा रहे थे.

उद्योगों और व्यवसायों पर असर

पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि दोनों राजमार्गों को काफी दिनों से बंद रखने का असर उद्योगों और व्यवसायों पर पड़ा है. उन्होंने किसानों को विरोध स्थल से ना हटाए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि आप युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि उद्योग तभी सुचारू रूप से चल सकते हैं जब व्यापार और व्यवसाय क्षेत्र बिना किसी व्यवधान के चलाया जाए. वहीं भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने किसान नेताओं की हिरासत की निंदा की. इसके साथ ही उन्होंने  पंजाब में आप सरकार पर केंद्र और किसानों के बीच चल रही बातचीत को बाधित करने का आरोप लगाया. 

केंद्र और किसानों की बैठक से नहीं बनी बात 

पंजाब में उद्योगपतियों की बढ़ती चिंताओं के बीच पुलिस कार्रवाई की गई है. जिसमे उनका कहना है कि राजमार्गों के लंबे समय तक बंद रहने के कारण हुए वित्तीय नुकसान हो रहे हैं. हालांकि प्रोटेस्ट स्थल को खाली कराने से एक दिन पहले ही वहां पर पुलिस की हलचल तेज हो गई थी. सभी जगह भारी मात्रा में पुलिस तैनात कर दिए गए थे. संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं.

किसान अपनी कई मांगो को लेकर बॉर्डर पर विरोध कर रहे हैं. किसानों द्वारा विरोध कई मांगों को लेकर किया जा रहा है. जिसमें फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP की कानूनी गारंटी शामिल करना भी है. किसानों की मांगों को लेकर चंडीगढ़ में केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल और किसान नेताओं के बीच बैठक भी हुई. हालांकि तीन घंटे तक चले इस बैठक से भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया. 

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