Atishi on CAG Report: दिल्ली विधानसभा सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का पहला रिपोर्ट पेश किया गया. जिसमें मुख्य रूप से आम आदमी पार्टी के ऊपर लगे शराब घोटाले का जिक्र किया गया. रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि आज दिल्ली विधानसभा में पेश की गई. उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट में आप सरकार की प्रशंसा की गई है.
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि CAG की रिपोर्ट में वास्तव में पुरानी शराब नीति को खत्म करने के पूर्व आप सरकार के फैसले की प्रशंसा की गई है. इसी के साथ उन्होंने सरकार के लॉस पर तर्क देते हुए कहा कि भाजपा सरकार पर दोष मढ़ दिया. उन्होंने कहा कि आप की नई आबकारी नीति के तहत निर्धारित उच्च राजस्व लक्ष्य इसलिए पूरा नहीं हो पाया क्योंकि केंद्र ने इसके कार्यान्वयन में बाधा डाली.
आतिशी ने इंडिया टूडे से बात करते हुए कहा कि सीएजी रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लाई गई नई नीति अधिक पारदर्शी थी. इससे शराब की ब्लैक में बिक्री पर रोक लगेगी और इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी. लेकिन नीति के कार्यान्वयन के बीच में ही सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर दी थी. इसी के साथ पुरानी शराब नीति को खत्म करने के पीछे की वजह देते हुए आतिशी ने कहा कि यह जरूरी था क्योंकि इसमें हेरफेर की जा रही थी.
नई शराब नीति को सही बताते हुए आतिशी ने कहा कि 2020-21 में पुरानी शराब नीति के साथ आबकारी राजस्व 4,100 करोड़ रुपये था. नई शराब नीति के साथ अनुमानित राजस्व दो गुना अधिक है. यह 9,000 करोड़ रुपये है. दिल्ली विधानसभा की LOP ने दावा किया कि नई शराब नीति ने दिल्ली में शराब की तस्करी और शराब की अंडर-द-टेबल बिक्री को रोकने में मदद की. जिससे दिल्ली को अधिक राजस्व प्राप्त हुआ. इस नीति से पंजाब में राजस्व में हजारों करोड़ की वृद्धि हुई है. वहीं दिल्ली में इसलिए वृद्धि नहीं हुई क्योंकि इसके कार्यान्वयन के दौरान महत्वपूर्ण क्षणों में मनीष सिसोदिया और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित प्रमुख आप मंत्रियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए. उन्होंने दावा किया कि CAG रिपोर्ट में कुछ नहीं है.