Delhi News: आप ( आम आदमी पार्टी) के सांसद राघव चड्डा ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ समिति में शामिल करने के कारण आप नेता राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार को घेरा है. उनका कहना है कि किसी सांसद को उच्च-स्तरीय समिति में नियुक्त करने से पहले सहमति लेना जरूरी है.
सांसद राघव चड्डा ने अपने ट्वीटर हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि तो, जाहिरा तौर पर, किसी सांसद को उच्च-स्तरीय समिति में नियुक्त करने से पहले उसकी पूर्व सहमति लेना अब वैकल्पिक है? ऐसा नहीं है कि केवल वैध तरीके से नाम सुझाने पर सांसदों को निलंबित करने की कोई मिसाल है, है ना?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा और कहा कि मुझे अभी मीडिया और एक राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से पता चला है कि मुझे लोकसभा और विधान सभा के एक साथ चुनाव कराने पर उच्च स्तरीय समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है. मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है, जिसका संदर्भ पत्र इस तरह से तैयार किया गया है कि मैं पूरी तरह से धोखा दे रहा हूं.
आगे चौधरी लिखते हैं कि इसके अलावा, आम चुनाव से महीनों पहले राष्ट्र पर एक संवैधानिक रूप से संदिग्ध, व्यावहारिक रूप से गैर-व्यवहार्य और तार्किक रूप से अप्राप्य विचार को थोपने का अचानक प्रयास किया गया, इसके अलावा मुझे लगता है कि राज्यसभा में वर्तमान विपक्ष को बाहर कर दिया गया है, इन परिस्थितियों में मेरे पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. अपना निमंत्रण अस्वीकार करें