Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन अविश्वास प्रस्ताव को लेकर संसद को संबोधित किया. उन्होंने विपक्षयों को घेरते हए मणिपुर की संवेदनशील घटना के ऊपर राजनीति करने का इल्जाम लगाया. कल संसद में अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि मैं नॉर्थ ईस्ट के हर प्रदेश में जा चुका हूं. मैंने काफी काम भी किया है. मेरा लगाव एक- एक जगह से है. वहीं अगर मणिपुर की बात करें तो ये तो मेरे जिगर का टुकड़ा है. हम जिस तरह से शांति के लिए दिन रात प्रयास कर रहे हैं. वहां जल्द ही शांति का सूरज उगने वाला है. प्रधानमंत्री जब अपना भाषण दे रहे थें, तो विपक्षियों की तरफ से जोर-जोर से इंडिया-इंडिया के नारे लगाए जा रहे थे.
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का कहना है कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव देने की दो वजह थी.
1- मणिपुर हिंसा को देखते हुए मणिपुर को इंसाफ दिलाना.
2- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस हिंसा पर बोलने के लिए मजबूर करना.
पीएम मोदी ने विपक्षयों को घेरते हुए कहा कि इनके अंदर सच सुनने की क्षमता ही नहीं है. ये सच को स्वीकार ही नहीं करना चाहते. ये इनकी पुरानी आदत रही है, गाली दो और फिर मैदान छोड़ कर भाग जाओ. उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष के नेताओं से कहता हूं कि अगर इनके अंदर इसी तरह से सुनने का धैर्य नहीं रहा, तो इनकी संख्या में धीरे-धीरे कमी दिखने लगेगी.
वहीं इस सत्र के दरमियान डेटा प्रोटेक्शन बिल को भी मंजूरी दे दी गई है. ये बिल किसी भी नागरिक के डेटा ब्रीच की दिशा को उल्लंघन करने वाली कंपनी के ऊपर 250 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं इस बिल को लेकर प्राइवेट कंपनियों में दुविधा की स्थिति बनी हुई थी. इस बिल को लेकर किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई.