नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता दुर्गेश पाठक की याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है. इस याचिका में पाठक ने दिल्ली के राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में 2022 के उपचुनाव के दौरान अपने निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की है.
उच्चतम न्यायालय की पीठ, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति सूर्यकांत करेंगे, अब इस याचिका पर सुनवाई करेगी. इस याचिका में पाठक के निर्वाचन को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती देने वाले राजन तिवारी से जवाब मांगा गया है. तिवारी ने आरोप लगाया था कि पाठक का निर्वाचन असंवैधानिक है और भ्रष्ट आचरण से संबंधित है.
शीर्ष न्यायालय ने चार नवंबर को पाठक से यह हलफनामा दाखिल करने को कहा था, जिसमें उन्हें यह स्पष्ट करना था कि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं है, सिवाय उस प्राथमिकी के, जिसका उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करते समय फॉर्म 26 में खुलासा किया था.
पाठक ने जुलाई 2022 में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें तिवारी की याचिका खारिज करने से इनकार किया गया था. तिवारी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि पाठक ने भ्रष्ट आचरण में लिप्त होते हुए 2022 के उपचुनाव में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है.
राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जून 2022 के उपचुनाव में, पाठक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 11,468 मतों के अंतर से हराया था. इसके बाद, पाठक ने दिल्ली उच्च न्यायालय से अपनी याचिका में यह अनुरोध किया था कि उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज किया जाए, लेकिन उच्च न्यायालय ने इसे खारिज कर दिया था.
हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में दुर्गेश पाठक ने राजेंद्र नगर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के उमंग बजाज से 1,231 मतों के अंतर से हार का सामना किया.
अब यह देखना होगा कि उच्चतम न्यायालय दुर्गेश पाठक की याचिका पर क्या निर्णय सुनाता है और क्या 2022 के उपचुनाव के परिणाम पर कोई असर डालता है. इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई और चुनावी प्रक्रिया के पक्ष में और विपक्ष में कई जटिलताएँ सामने आ सकती हैं.