Independence Day 2023: स्वतंत्र दिवस के दिन भारत का राष्ट्रीय ध्वज कई सार्वजनिक जगहों पर फहराया जाता है. इस दिन देश के प्रधानमंत्री दिल्ली में स्थित लाल किले पर राष्ट्रीय झंडे को फहराते हैं जिसे ध्वजारोहण कहा जाता है. इस समारोह के साथ-साथ परेड लोक नृत्य प्रदर्शन भी होते हैं. स्कूलों और कॉलेजों समेत शैक्षणिक संस्थानों में इस दिन के महत्व बताए जाते हैं. इस दिन बच्चे आसमान में रंग बिरंगे पतंग उड़ाते हैं.
स्वतंत्र दिवस के दिन लाल किला को ही झंडा फहराने के लिए क्यों चुना गया इसके पीछे रोचक किस्सा है. दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किला पर झंडा फहराने की परंपरा देश के आजाद होने के बाद से शुरू हुआ था. लाल किला परिसर का निर्माण भारत के पांचवे मुगल बादशाह शाहजहां की नई राजधानी शाहजहांनाबाद के महल किले के रूप में की गई थी.
लाल किला का निर्माण लाल बलुआ पत्थर से की गई थी, इस विशाल घेराबंदी दीवारों के कारण इसका नाम लाल किला रखा गया था. दिल्ली के केंद्र और यमुना नदी के किनारे बना ये विशाल किला तब से सत्ता के केंद्र के तौर पर स्थापित है. 1857 की स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति का केंद्र लाल किला ही था उस दौरान लाल किला का नेतृत्व बहादुर शाह जफर कर रहे थे हालांकि उन्हें अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर म्यांमार भेज दिया था.
15 अगस्त 1947 को भारत के आखिरी वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने 3 जून को ऐलान किया था कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजाद किया जाएगा. जिसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त को लाल किला पर झंडा फहराकर देश की आजादी का ऐलान किया. तभी से लाल किला पर झंडा फहराने की परंपरा चलती आ रही है.