भारत और जापान का संयुक्त सैन्य अभ्यास 24 फरवरी से 9 मार्च तक

नई दिल्ली :  भारत और जापान 24 फरवरी से शुरू होने वाले अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय को बढ़ाते हुए शहरी युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियानों में सहयोग करना है. यह अभ्यास 9 मार्च 2025 तक चलेगा और जापान के पूर्वी फूजी युद्धाभ्यास प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित होगा.

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Courtesy: social media

नई दिल्ली :  भारत और जापान 24 फरवरी से शुरू होने वाले अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय को बढ़ाते हुए शहरी युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियानों में सहयोग करना है. यह अभ्यास 9 मार्च 2025 तक चलेगा और जापान के पूर्वी फूजी युद्धाभ्यास प्रशिक्षण क्षेत्र में आयोजित होगा.

रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति, और स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा. इसके साथ ही, यह एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा.

'धर्म गार्डियन' सैन्य अभ्यास का महत्व

यह सैन्य अभ्यास, जिसे ‘धर्म गार्डियन’ नाम से जाना जाता है, एक वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है जो भारत और जापान के बीच बारी-बारी से आयोजित किया जाता है. पिछला अभ्यास फरवरी-मार्च 2024 में राजस्थान में हुआ था. इस वर्ष का अभ्यास 120 भारतीय सैनिकों की एक टुकड़ी द्वारा भाग लिया जाएगा, जिसमें मद्रास रेजिमेंट के सैनिकों के साथ-साथ अन्य सैन्य इकाइयां भी शामिल होंगी. जापान की ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेजीएसडीएफ) का प्रतिनिधित्व 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट करेगी, जिसमें समान संख्या में सैनिक होंगे.

सैन्य सहयोग को मजबूत करना

सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के आदेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियानों को एक साथ मिलकर चलाना है, जिससे दोनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. अभ्यास में उच्च शारीरिक फिटनेस, संयुक्त रणनीतिक योजनाएं, और सामरिक अभ्यास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. 

बयान में यह भी कहा गया है कि इस अभ्यास के परिणामस्वरूप भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में और अधिक मजबूती आएगी. अक्टूबर 2024 में भारतीय सेना प्रमुख की जापान यात्रा के सकारात्मक परिणामस्वरूप यह अभ्यास हुआ है, जिससे दोनों देशों के सैन्य संबंधों को और मजबूत किया जाएगा.

सांस्कृतिक और सामरिक संबंधों को प्रगाढ़ करना

‘धर्म गार्डियन’ सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग की आधारशिला को और मजबूत करता है, साथ ही यह सांस्कृतिक समझ और परस्पर सैन्य संबंधों को भी प्रोत्साहित करता है. इस अभ्यास के माध्यम से भारत और जापान अपनी साझेदारी को नए आयाम दे रहे हैं, जो न केवल सैन्य, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग को भी बढ़ावा देता है. 





  

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