India’s 1st Hydrogen Fuel Cell Bus: देश की पहली ‘हवा- पानी’ से चलने वाली बस को हरदीप सिंह पुरी ने दिखाई हरी झंडी, जानिए इस बस की खासियत

India’s 1st Hydrogen Fuel Cell Bus: देश की राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने देश की पहली हाइड्रोजन चलित बस को हरी झंडी दिखाकर एक कदम स्वच्छता की और कदम बढ़ाई है. जिसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा. देश की पहली हाइड्रोजन बस […]

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India’s 1st Hydrogen Fuel Cell Bus: देश की राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी ने देश की पहली हाइड्रोजन चलित बस को हरी झंडी दिखाकर एक कदम स्वच्छता की और कदम बढ़ाई है. जिसका असर आने वाले समय में देखने को मिलेगा. देश की पहली हाइड्रोजन बस के साथ  नया कीर्तिमान भी जुड़ गया है  जिसका सकारात्मक असर पर्यावरण पर देखने को मिलेगा.

गंभीर प्रदूषण का सामना कर रही है दुनिया-

आपको बता दें कि, आये दिन देश में नई-नई टेक्नोलॉजी का निर्माण हो रहा है तो वहीं इससे पूरी दुनिया गंभीर प्रदूषण का शिकार हो रही है. प्रदूषण के कारण पर्यावरण को भी काफी ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, दुनिया भर की सरकारें बढ़ते प्रदूषण को रोकथाम करने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं. भारत सरकार भी प्रदूषण से निजात पाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को तेजी से अपनाने के लिए ग्राहकों को प्रेरित कर रही है. इस बीच आज भारत में पहली हाइड्रोजन बस की शुरुआत की गई है. ये बस पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी.

Hydrogen Fuel Cell Bus बस की खासियत-

भारत की पहली मेड इन इंडिया Hydrogen Fuel Cell Bus केवल हाइड्रोजन और एयर पर चलेगी. इस बस को लेकर बताया गया है कि, इसका बाय-प्रोडक्ट एनवायरमेंट को कई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. इस बस को KPIT-CSIR ने पुणे में डेवलप किया है. इस बस को लेकर दावा किया गया है कि, इससे ग्रीनहाउस गैस का इमिशन भी कम होगा.

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई हाइड्रोजन ईंधन सेल बस को लॉन्च किया है. केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि, लगभग 12-14 प्रतिशत CO2 और प्राटिकुलेट का इमिशन डीजल से चलने वाले हैवी कमर्शियल गाड़ी से होता है. ये डिसेंट्रलाइज्ड होते हैं जिसकी वजह से इन्हें कैप्चर करने में दिक्कतें आती हैं. उदाहरण के तौर पर बता दें कि, डीजल से चलने वाली एक बस लंबी दूरी के लिए 100 टन CO2 पूरे साल में इमिट करती है.  इस तरह के लाखों बस देश में मौजूद है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि, फ्युल सेल गाड़ियों की हाई-एफिशिएंसी और हाइड्रोजन की हाई डेंसिटी में बेहद महत्वपूर्ण है.