वाशिंगटन : काश पटेल ने भारतीय संप्रदाय और अमेरिकी कानून व्यवस्था के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण स्थापित किया, जब उन्होंने एफबीआई के नौवें निदेशक के रूप में भगवद गीता पर हाथ रखकर शपथ ली. यह अवसर विशेष रूप से गौरवपूर्ण था क्योंकि पटेल अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसी का नेतृत्व करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने.
पटेल (44) के पक्ष में अमेरिकी सीनेट में 49 के मुकाबले 51 वोट पड़े, और इस प्रकार उन्होंने एक ऐतिहासिक पद ग्रहण किया. शपथ ग्रहण समारोह में उनके परिवार के सदस्य और उनकी महिला मित्र भी उपस्थित थीं.
WATCH: Kash Patel's full remarks after being sworn in as FBI Director:
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) February 21, 2025
"Anyone who thinks the American Dream is dead, look right here. You're talking to a first-generation Indian kid who is about to lead the law enforcement community in the greatest nation on God's Earth." pic.twitter.com/PQrCkme9az
यह शपथ समारोह व्हाइट हाउस के परिसर स्थित 'आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन' (EEOB) के भारतीय संधि कक्ष में हुआ, जहां अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने पटेल से गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने के लिए कहा. समारोह के दौरान पटेल ने गर्व से कहा, "मैं अमेरिकी सपना जी रहा हूं. जो लोग मानते हैं कि अमेरिकी सपना अब खत्म हो चुका है, उन्हें यहां देखना चाहिए. मैं पहले पीढ़ी का भारतीय हूं, जो अमेरिका में सबसे महान राष्ट्र की कानून प्रवर्तन एजेंसी का नेतृत्व कर रहा है."
न्यूयॉर्क में जन्मे काश पटेल का परिवार गुजरात से संबंधित है, हालांकि उनके माता-पिता पूर्वी अफ्रीका से हैं. उनकी मां तंजानिया और पिता युगांडा से हैं, जो 1970 में कनाडा से अमेरिका आए थे. पटेल के माता-पिता अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और अपना समय अमेरिका और गुजरात में बिताते हैं.
काश पटेल का यह पदभार ग्रहण न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय समुदाय के लिए भी गर्व का क्षण है, जो अमेरिकी समाज में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं.