महाकुंभ नगर (उप्र) : केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शनिवार को अपने परिवार के साथ महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान किया. यह पवित्र स्नान के दौरान उन्होंने अपने विचार साझा किए और महाकुंभ की महत्वपूर्णता को रेखांकित किया.
महाकुंभ में स्नान करने के बाद राज्यपाल अर्लेकर ने कहा, “हमारे देश की प्राचीन परंपराएं महाकुंभ के रूप में जीवित हैं. इस भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को विशेष रूप से धन्यवाद देना चाहिए.” उन्होंने महाकुंभ को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा, “यह महाकुंभ केवल धार्मिक आस्था का ही नहीं, बल्कि हमारी राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक भी है. यह आयोजन देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है, जो इस अवसर का हिस्सा बनने के लिए यहाँ आ रहे हैं. यह अनुभव हमें हमारे सनातन गौरव की याद दिलाता है.”
आज प्रयागराज महाकुंभ में सहपरिवार पवित्र स्नान किया। भारत की आध्यात्मिक विरासत से जुड़कर स्वयं को कृतार्थ अनुभव कर रहा हूँ pic.twitter.com/g9jTWqrmUM
— Rajendra Arlekar (@rajendraarlekar) February 22, 2025
राज्यपाल ने आगे कहा कि महाकुंभ का विराट स्वरूप यह दर्शाता है कि हम एक प्राचीन राष्ट्र हैं, और यहाँ आकर हमें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व होता है. संगम में डुबकी लगाने के बाद यह अनुभूति और भी गहरी हो जाती है कि हम एक महान सभ्यता के हिस्से हैं.
इस दिन महाकुंभ में अन्य श्रद्धालुओं ने भी स्नान और पूजा-अर्चना की. ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ के सीईओ आशीष चौहान ने अपनी पत्नी सोनल चौहान के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान किया और विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके अलावा, प्रसिद्ध अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने भी अपने परिवार के साथ संगम में स्नान किया और मां गंगा की पूजा अर्चना की. उन्होंने इसे अपने जीवन की एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव बताया.
महाकुंभ, जो प्राचीन भारतीय धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था और ताजगी का प्रतीक बन चुका है. यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता का भी परिचायक है.