Indians in Foreign Prisons: दुनिया के अलग-अलग देशों के जेल में लगभग 10 हजार से भी अधिक भारतीय कैद में हैं. जिनमें से 49 भारतीयों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है. इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मंत्रालय द्वारा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सांसद अब्दुल वहाब के प्रश्न के जवाब में लिखित रूप से दिया है.
राज्यसभा में गुरुवार को सरकार की ओर से बताया गया कि अभी के समय में दुनिया के अलग-अलग देशों में 10,152 भारतीय कैदी हैं. हालांकि कई देशों की गोपनीयता कानूनों के कारण उनकी जानकारी भी नहीं मिल पाई है. क्योंकि वहां के नियम के मुताबिक डिटेल्स तब तक शेयर नहीं किया जा सकता, जबतक उस देश की सरकार की अनुमति ना हो.
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार विदेशी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों सहित विदेशी देशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को उच्च प्राथमिकता देती है. ऐसे मामलों पर विदेश में भारतीय मिशन/पोस्ट सतर्क रहते हैं और स्थानीय कानूनों के उल्लंघन या कथित उल्लंघन के लिए विदेशी देशों में भारतीय नागरिकों को जेल में डाले जाने की घटनाओं पर बारीकी से नजर रखने का काम करते हैं. मंत्री द्वारा शेयर किए गए डिटेल्स के मुताबिक सबसे ज्यादा भारतीय कैदी पड़ोसी देश में है. आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 1,317 भारतीय कैद हैं. वहीं कतर में 611, कुवैत में 387, मलेशिया में 338, पाकिस्तान में 266, चीन में 173, संयुक्त राज्य अमेरिका में 169, ओमान में 148 और रूस और म्यांमार दोनों में 27-27 भारतीय नागरिक जेल में बंद है.
उन्होंने आंकड़े के मुताबिक बताया कि 2020 से कुवैत में मौत की सज़ा पाने वाले भारतीयों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई है. वहां 25 लोगों को फांसी या मृत्युदंड की सजा दी गई है. इसके अलावा सऊदी अरब में नौ, जिम्बाब्वे में सात, मलेशिया में पांच और जमैका में एक भारतयी व्यक्ति को मौत की सजा दी गई है. हालांकि UAE द्वारा इन नंबरों का खुलासा नहीं किया गया है. वहीं 49 लोगों को मृत्युदंड की सजा तो सुना दी गई है लेकिन अभी पूरी नहीं हुई है. इन सभी भारतीयों पर अभी भी मौत का खतरा है. उन्होंने भारत सरकार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि विदेशों के जेलों में बंद भारतीय नागरिकों को अपील दायर करने, दया याचिका आदि सहित विभिन्न कानूनी उपायों की खोज करने में पूरी सहायता की जाती है.