Nagpur Aurangzeb Tomb Row: महाराष्ट्र की शीतकालीन राजधानी नागपुर में मुगल शासक औरंगजेब के कब्र को हटाने की मांग को लेकर तनाव बढ़ गया. इस घटना में 6 नागरिकों और तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है. मिल रही जानकारी के मुताबिक सोमवार को शहर के कई इलाकों में भीड़ और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हुई. इस दौरान पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज भी किया गया.
पुलिस ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि झड़प के बाद चलाए गए तलाशी अभियान में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया. वहीं भीड़ ने शहर में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और कई घरों पर पथराव भी किया गया. जिसके कारण शहर में अशांति का माहौल बन गया.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों से शांति की अपली की है. वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे कानून-व्यवस्था का उल्लंघन बताया है. नागपुर में आरएसएस मुख्यालय और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी का आवास भी है. जानकारी के मुताबिक बंजरग दल के सदस्यों ने नागपुर के महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया था. जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया. हालांकि वीडियो के साथ एक अफवाह ने भी रफ्तार पकड़ी थी, जिसमें कहा गया कि दल के लोगों ने कुरान जलाने की कोशिश की. इस अफवाह के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई.
नागपुर में सोमवार को महल, चिटनिस पार्क और शुक्रवारी तालाब रोड इलाकों में हंगामा हुआ. जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आंसू गैस के गोले दाग दिए और कई जगहों पर लाठीचार्ज भी किया गया. जिसमें डीसीपी निकेतन कदम सहित तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए. मामले की गंभीरत को देखते हुए सीएम फडणवीस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील की है. साथ ही उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा महल क्षेत्र पर निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने लोगों से कहा कि अपनी सुरक्षा के लिए आपको प्रशासन का सहयोग करना चाहिए. वहीं नीतिन गडकरी ने भी लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है. साथ ही उन्होंने जनता से वादा किया है कि अफवाह फैलानों वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.