Parliament Security Breach: 13 दिसम्बर को संसद में घुस कर दहशत फैलाने के आरोप में गिरफ्तार की गई हरियाणा की नीलम आजाद के परिजनों ने कोर्ट में एक याचिका दायर की है. दायर याचिका में परिवार वालों ने नीलम से मिलने की इजाजत मांगी है. इसके साथ ही, अदालत में दायर याचिका में उसके परिवार वालों ने इस मामले से संबंधित प्राथमिकी भी मांगी है. आज इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई के लिए सभी आरोपियों की पेशी होगी.
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को दिया नोटिस
संसद कांड की आरोपी नीलम आजाद के परिवार वालों ने याचिका दायर कर उससे मिलने की इजाजत मांगी है. जिसके बाद न्यायालय ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को नोटिस जारी कर दिया है. नीलम के परिवारवालों की तरफ से अधिवक्ता आरके वाढवा और सुरेश कुमार चौधरी ने पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश हरदीप कौर की अदालत में याचिका दायर की है. दायर याचिका में उन्होंने नीलम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की कॉपी की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने रिमांड के दौरान नीलम से मिलने की भी अनुमति मांगी है.
परिजनों से मिलना संवैधानिक अधिकार
दायर याचिका के संबंध में अधिवक्ताओं ने कहा कि यह आरोपी के परिवार का संवैधानिक अधिकार है. याचिका में कहा गया है कि बीते 15 दिसम्बर को जब वो प्राथमिकी की कॉपी लेने और अपनी बेटी नीलम से मिलने संसद मार्ग थाने गए तो इस मामले के जांच अधिकारियों ने उन्हे प्राथमिकी की कॉपी देने से मना कर दिया. पुलिस की ओर से कहा गया कि पहले कोर्ट का आदेश लेकर आएं. इसके बाद ही उनकी ओर से कोर्ट में याचिका दायर कर के इजाजत मांगी गई है.
खुद को क्रांतिकारी मानती है नीलम
13 दिसम्बर को संसद भवन में हंगामा मचाने में शामिल महिला आरोपी नीलम आजाद हरियाणा के जींद के घसो कला की रहने वाली है. सरकार के खिलाफ कई प्रदर्शनों में शामिल नीलम खुद को एक क्रांतिकारी मानती है. नीलम के भाई ने भी बताया कि वो अपने गाँववालों के साथ किसान आंदोलन में जाती थी. इसके साथ ही उसका फेसबुक प्रोफाइल देख कर भी पता चलता है कि वो लगातार अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में शामिल रही है.
राजनीति में रुचि रखती है नीलम
नीलम को जानने वाले और उसके पीजी में रहने वाली लड़कियों का कहना है कि उसकी दिलचस्पी राजनीति में बहुत ज्यादा है. नीलम कुछ समय पहले तक हिसार के रेड स्क्वायर मार्केट के पास स्थित एक पीजी में रह कर सिवल सर्विसेज़ की तैयारी कर रही थी. लेकिन 25 नवंबर को वो घर जाने की बात कह कर चली गई.
बता दें कि 13 दिसम्बर को चार आरोपी संसद भवन के अंदर घुस आए थे. उनमें से दो आरोपी सदन के भीतर मौजूद थे, जबकि नीलम और एक अन्य आरोपी संसद भवन के परिसर में मौजूद थे. जब सदन के दर्शक दीर्घा से कूदकर दो आरोपी कलर स्प्रे कर के हंगामा कर रहे थे, तब नीलम बाहर अपने एक और साथी के साथ स्माग कलर अटैक कर रही थी. इस दौरान उसने सरकार के खिलाफ “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे भी लगाए.