Parliament Security Breach: नहीं सुलझ रही संसद कांड की गुत्थी, बेंगलुरू से पुलिस अधिकारी का बेटा गिरफ्तार

Parliament Security Breach: संसद सुरक्षा चूक मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर बेंगलुरू के एक इंजीनियर को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही यूपी के एक व्यक्ति से पूछताछ की गई है.

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हाइलाइट्स

  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है मामले की जांच
  • संसद कांड में उत्तर प्रदेश के व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है

Parliament Security Breach: 13 दिसम्बर को संसद में हुई सुरक्षा चूक मामले में शुरुआत में संसद के अंदर मौजूद चार आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस की जांच में लगातार नए चेहरे सामने आ रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने बेंगलुरू से एक उच्च पुलिस अधिकारी के बेटे को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार व्यक्ति का नाम साई कृष्णा बताया जा रहा है और वो एक इंजीनियर है. 

स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों के बयान और निशानदेही के आधार पर देश के विभिन्न हिस्सों में कई लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान बेंगलुरू के इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के एक व्यक्ति से भी पूछताछ की गई है. 

आरोपी मनोरंजन का दोस्त है गिरफ्तार इंजीनियर

दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम से मिली जानकारी के अनुसार, लंबी पूछताछ के बाद कर्नाटक के बागलकोट शहर से गिरफ्तार किये गए इंजीनियर का नाम साई कृष्णा है. उसके पिता एक उच्च पुलिस अधिकारी हैं.  गिरफ्तार इंजीनियर आरोपी मनोरंजन का दोस्त है और उससे लगातार संपर्क में था. बुधवार की देर रात पुलिस ने उससे सवाल -जवाब के बाद हिरासत में ले लिया. गिरफ़्तारी के बाद उसे स्पेशल सेल की टीम दिल्ली ले आई. जानकारी के अनुसार, स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किये गए सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ की है. जिसके बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस बेंगलुरू पहुंची थी. 

यूपी के व्यक्ति से भी हुई पूछताछ 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपियों की निशानदेही पर एक्शन लेते हुए यूपी के शख्स से पूछताछ की है. यूपी के जालौन का रहने वाला अतुल कुलश्रेष्ठ एक 50 साल का बेरोजगार है. फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है लेकिन इस मामले में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों के बयान रिकार्ड कर लिए हैं. 

भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के नाम से व्हाट्सप्प ग्रुप चलाते थे आरोपी 

संसद सुरक्षा चूक मामले में अभी तक की जांच में ये सामने आया है कि आरोपियों ने भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के नाम से व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया था और इसके जरिए बात करते थे . पुलिस ने इसकी जानकारी इकट्ठा करने के लिए मेटा से संपर्क किया है. पुलिस ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा से आरोपियों के चैट का विवरण लिया है. इसके साथ ही आरोपी संसद कांड की योजना बनाने के लिए सिग्नल एप पर भी बात करते थे. 

पिछले साल मैसूर में मिले थे आरोपी 

पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से इस कांड की योजना बना रहे थे. व्हाट्सअप ग्रुप के जरिए लगातार संपर्क में रहने के साथ ही सभी आरोपी पिछले साल कर्नाटक के मैसूर में मिले थे. इसके लिए मैसूर के ही रहने वाले मनोरंजन ने सारे इंतजाम किये थे. फिलहाल पुलिस इस मामले में संसद के भीतर मौजूद चार आरोपियों के मोबाइल फोन और सिम कार्ड तलाश करने में लगी हुई है , जिसे आरोपियों द्वारा राजस्थान में नष्ट कर दिया गया था.