BJP MP Pratap Simha: 13 दिसंबर को संसद पर हमले के 22 वीं बरसी पर नए बने संसद भवन में दोपहर करीब 1 बजे अफरा-तफरी मच गयी. सदन की कार्यवाही के दौरान दर्शक-दीर्घा से दो युवक कूदकर आगे आ गए. पकड़े जाने पर उसने अपने जूतों से एक बोतल निकाल कर स्मोक बॉम्ब अटैक कर दिया. इसके बाद ही ये सवाल उठ रहे थे कि अचानक ये चारों आरोपी संसद भवन के अंदर दाखिल कैसे हुए. जानकारी के अनुसार, दोंनो आरोपियों को मैसूरु के बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा की तरफ से पास मिला था. बता दें कि जब किसी सांसद के जरिए किसी व्यक्ति को पास दिया जाता है, तो सांसद को एक शपथ पत्र देना होता है कि वे उस व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं. इसके बाद से ही प्रताप सिम्हा सभी के निशाने पर आ गए कि आखिर उन्होंने ऐसे लोगों को पास दिया कैसे.
आरोपियों के पास से मिला बीजेपी सांसद के नाम का पास
संसद में शीतकालीन सत्र के दौरान घुसपैठ करने वाले आरोपियों को धर दबोचा गया. बाद में जब आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद जाँच की गयी तो उनके पास से जो सामान बरामद हुआ वो चौकानें वाला था. आरोपियों से एक विजिटर्स पास मिला, जिसपर बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा का नाम लिखा था. इसके बाद से ही प्रताप सिम्हा सवालों के घेरे में आ गए है. हालाँकि अभी तक उनकी तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को ये जानकारी दी है कि घुसपैठ करने वाले में से एक आरोपी का पिता उनके संसदीय क्षेत्र का है और उसने उनसे विजिटर्स पास मांगा था.
उन्होंने स्पीकर को बताया कि वो घुसपैठियों को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते है. उनके पास घुसपैठियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन उसमें से एक मनोरंजन डी अपने और अपने दोस्त सागर के लिए विजिटर्स पास हासिल करने के लिए सिम्हा के पीए के साथ लगातार संपर्क में था.
अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा
संसद के आरोपियों को पास देने वाले प्रताप सिम्हा मैसूरु-कोडगु सीट से लोकसभा सांसद हैं. मैसूर के लोकप्रिय नेता प्रताप सिम्हा ने 2014 और 2019 दोनों ही बार पार्टी के टिकट पर चुनावी जीत हासिल की है. राजनीती में आने से पहले प्रताप सिम्हा कन्नड़ा प्रभा में पत्रकार के तौर पर काम करते थे. मैसूर में प्रताप सिम्हा की पहचान एक कट्टर हिन्दुत्व समर्थक के तौर पर होती है. वो कर्नाटक में टीपू सुल्तान का जन्मदिन मानाने के खिलाफ थे. उनका कहना था कि टीपू सुलतान एक आक्रांता था और वो सिर्फ इस्लामवादियों के लिए आदर्श हो सकते हैं.
इतना ही नहीं, अपने विवादित बयानों की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाले प्रताप सिम्हा ने पशु प्रेमियों को लेकर भी विवादास्पद बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि कुत्तों से प्यार करने वाले लोगों के बच्चों को जब वे काटेंगे, तब उन्हें आवारा कुत्तों का खतरा समझ में आएगा. हालाँकि अब संसद में सुरक्षा में हुई इस चूक की जाँच चल रही है और इसी बीच एक बार फिर प्रताप सिम्हा चर्चा में हैं.