Parliament MP Suspended: आज संसद मे चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान एक बार फिर विरोध प्रदर्शन कर रहे 49 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. इससे पहले कल भी इसी तरह लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था. जिसके बाद आज निलंबित हुए कूल सांसदों की संख्या 141 हो गई है. इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.
49 opposition MPs suspended from Lok Sabha, number of parliamentarians suspended from Parliament goes up to 141
— ANI Digital (@ani_digital) December 19, 2023
Read @ANI Story | https://t.co/wPZSlMRYhH#LokSabha #OppositionMPsSuspended #Parliament pic.twitter.com/07L5OxsMfI
जानकारी के अनुसार, लोकसभा में सुप्रिया सुले, मनीष तिवारी, शशि थरूर, मोहम्मद फैसल, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंधोपाध्याय, डिंपल यादव और दानिश अली सहित कई विपक्षी सांसदों को संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है.
निलंबित किये गए सभी सांसद पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकते हैं. इस बारे में केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बयान दिया कि "सदन के अंदर तख्तियां नहीं लाने का निर्णय लिया गया. हाल के चुनाव हारने के बाद हताशा के कारण वे ऐसे कदम उठा रहे हैं. यही कारण है कि हम एक प्रस्ताव (सांसदों को निलंबित करने का) ला रहे हैं."
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रखा निलंबन का प्रस्ताव
भारतीय संसद में एक साथ इतने सांसदों का निलंबन एक अनोखी घटना है. आज लोकसभा में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रिया सुले, मनीष तिवारी, शशि थरूर, मोहम्मद फैसल, कार्ति चिदंबरम, सुदीप बंधोपाध्याय, डिंपल यादव और दानिश अली सहित अन्य विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार करते हुए 49 सांसदों को निलंबित कर दिया गया.
आज सस्पेंड हुए सांसदों में मनीष तिवारी, चंद्रशेखर प्रसाद, डिंपल यादव, कार्ति चिदंबरम, एसटी हसन, सुप्रिया सुले, शथि थरूर, दानिश अली, माला रॉय, राजीव रंजन सिंह, संतोष कुमार, प्रतिभा सिंह, मोहम्मद सादिक, जगबीर सिंह गिल, महाबली सिंह, एमके विष्णु प्रसाद, फारुख अबदुल्ला, गुरजीत सिंह औजला, फजलुर रहमान, रवनीत सिंह बिट्टू, दिनेश यादव, के सुधाकरन, सुशील कुमार रिंकू शामिल हैं.
अमित शाह के बयान की कर रहे हैं मांग
13 दिसम्बर को संसद में हुई सुरक्षा चूक के बाद से विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रही है. विपक्ष की मांग है कि केन्द्रीय गृह मंत्री सदन में आकर इस घटना पर बयान दे. इसी मांग को लेकर विपक्ष संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहा है. जिसके बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कूल 141 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है.