PM मोदी करेंगे SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव 2025 का उद्घाटन, भूटान के पीएम भी होगें उपस्थित

SOUL Leadership Conclave 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के भारत मंडपम में SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करने वाले हैं. इस कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने वाले हैं.

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Courtesy: Social Media

SOUL Leadership Conclave 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव के पहले संस्करण का उद्घाटन करने वाले हैं. इस महत्वपूर्ण आयोजन में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे भी विशेष गेस्ट के रूप में शामिल होने वाले हैं. इस आयोजन को लेकर पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है.   

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि मैं 21 फरवरी को सुबह 10:30 बजे भारत मंडपम में SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव का उद्घाटन करूंगा. मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मेरे मित्र, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे अपनी उपस्थिति से कॉन्क्लेव की शोभा बढ़ाएंगे.

भूटान के पीएम भी होंगे शामिल

लीडरशिप कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे गुरुवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. तोबगे का यह दौरा भारत-भूटान संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. SOUL लीडरशिप कॉन्क्लेव दो दिवसीय कार्यक्रम है. जो की दिल्ली के भारत मंडपम में  21-22 फरवरी को आयोजित की जा रही है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख नेताओं को एक मंच पर लाना है. जिसमें राजनीति, खेल,  कला, मीडिया, आध्यात्मिकता, सार्वजनिक नीति, व्यवसाय  और सामाजिक क्षेत्र समेत अन्य कई क्षेत्र शामिल है.  

जानें क्या है ये कार्यक्रम

इस खास कॉन्क्लेव का मकसद युवा नेतृत्व को प्रेरित करना है. साथ ही इन क्षेत्रों में अनुभवी हस्तियों को अपनी नेतृत्व यात्रा, सफलताओं और असफलताओं को साझा करने का अवसर प्रदान करना है. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि यह कार्यक्रम सहयोग, मेंटरशिप और विचार नेतृत्व को बढ़ावा देगा. स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप (SOUL) गुजरात में स्थित एक अग्रणी संस्थान है. जिसका काम भविष्य के नेताओं को तैयार करना है. इस संस्थान का लक्ष्य राजनीतिक वंशवाद से परे जाकर योग्य, समर्पित और उत्साही नेताओं को प्रशिक्षण देना है.

इसके अलावा नेतृत्व कौशल विकसित करना है. जिससे नए नेता समाज की भलाई में योगदान दे सकें. इस संस्थान का मकसद भारत के नेतृत्व तंत्र में विविधता लाना और नई पीढ़ी के नेताओं को तैयार करना भी है. इस कार्यक्रम को अखंडता, दूरदर्शिता और समावेशिता पर आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया जा रहा है.  

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