नई दिल्ली : दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के साथ भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता को शपथ दिलाई. इसके साथ ही, गुप्ता के नेतृत्व में छह अन्य मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौजूद थे.
हालांकि, इस राजनीतिक समारोह के दौरान एक दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया, जब सोशल मीडिया पर यह चर्चा होने लगी कि दिल्ली के चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को हराने वाले प्रवेश वर्मा नाराज हैं, क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री का पद नहीं दिया गया. लेकिन इस अफवाह पर उन्होंने खुद ही विराम लगा दिया और सफाई दी कि ऐसी कोई नाराजगी नहीं है.
प्रवेश वर्मा ने रामलीला मैदान की ओर जाते हुए एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा, "मैं क्यों नाराज होऊं? मैं तो अच्छे सूट-बूट पहनकर, बिल्कुल बाबू बनकर मंत्री पद की शपथ लेने जा रहा हूं. नाराजगी किस बात की? और ये बातें कहां से आईं, मुझे नहीं पता."
#WATCH | Delhi: Delhi Minister Parvesh Verma says, "There are a lot of responsibilities, but we are happy that we will work under the leadership of PM Modi... We will bring all the schemes of the central government to Delhi..." pic.twitter.com/PiQbZdgRSS
— ANI (@ANI) February 20, 2025
उनके इस बयान से स्पष्ट हो गया कि सोशल मीडिया पर उठी नाराजगी की अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं थी. प्रवेश वर्मा ने यह भी कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी पार्टी ने दी है, वह उसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगे.
वर्मा की बहन रचना सिंधू ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "मेरे भाई बहुत खुश हैं. पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें दी है, वह उसे पूरी मेहनत और निष्ठा से निभाएंगे."
दिल्ली विधानसभा चुनावों में एतिहासिक जीत के बाद बीजेपी ने अपनी सरकार बनाई और रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई. इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी समेत कई महत्वपूर्ण हस्तियां मौजूद थीं.