उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को अब महाकुंभ के पवित्र संगम जल से स्नान करने का मौका मिला. 21 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न जिलों की जेलों में कैदियों ने प्रयागराज से लाए गए पवित्र जल से स्नान किया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाओं को संतुष्टि मिली और साथ ही उन्हें मानसिक शांति का अहसास हुआ.
उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन ने प्रदेश की 75 जेलों में बंद कैदियों के लिए एक विशेष आयोजन किया. इस आयोजन के तहत प्रयागराज के संगम से पवित्र जल लाकर उसे जेलों तक पहुंचाया गया. कैदियों ने इस जल से स्नान करके महाकुंभ का आशीर्वाद प्राप्त किया. इस पहल की देखरेख प्रदेश सरकार के जेल मंत्री दारा सिंह चौहान ने की.
दारा सिंह चौहान ने कहा, “मुझे लगा कि दुनिया भर के लोग संगम तक पहुंच सकते हैं, लेकिन हमारी जेल के कैदी नहीं पहुंच सकते. इसलिए हमने जेल में अपने कैदियों के लिए यह व्यवस्था की.” उन्होंने इस आयोजन को कैदियों के लिए समाज से जुड़ने का एक अच्छा मौका बताया.
जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, संगम से लाए गए जल को जेल के अंदर छोटे टैंक में संग्रहित किया गया था, जिसमें सामान्य जल के साथ मिलाकर कैदियों के लिए स्नान की व्यवस्था की गई. मेरठ जेल के अधीक्षक वी आर शर्मा ने बताया कि संगम जल को मटकों में भरकर स्नान के लिए जल वितरित किया गया था. इसके बाद कैदियों ने प्रार्थना के बाद स्नान किया और कई ने संकल्प लिया कि वे समाज सेवा में अपने जीवन को समर्पित करेंगे.
बागपत जेल में भी यह आयोजन बड़े धूमधाम से हुआ. उप जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया कि कैदियों ने "गंगा मैया की जय" और "महाकुंभ स्मरित रहे" के जयघोष के साथ स्नान किया. इस आयोजन का उद्देश्य कैदियों को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना था.
राज्य भर के अन्य जेलों में भी कैदियों को इस पहल का लाभ मिला. शाहजहांपुर, सुलतानपुर, बरेली और अन्य जिलों में भी कैदियों ने संगम जल से स्नान किया. बरेली के सेंट्रल जेल द्वितीय के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने इस आयोजन को योगी सरकार की एक अनूठी पहल बताया, जिससे महाकुंभ पहुंचने से वंचित कैदियों को भी इसका लाभ मिला.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस पहल के माध्यम से प्रदेश के जेलों में बंद कैदियों को भी महाकुंभ का हिस्सा बनने का अवसर दिया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल के माध्यम से कैदियों को न केवल धार्मिक, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति भी प्राप्त हो रही है.