Punjab News: चंडीगढ़ के एक स्कूल से बीते 2 अगस्त को शिकायत मिली कि प्री-नर्सरी के बच्चे ने अपनी क्लास की एक लड़की से छेड़छाड़ की है. इस मामले को लेकर CCPCR ( कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स) ने विद्यालय और हेल्पलाइन नंबर 181 से इस पूरे मामले को लेकर रिपोर्ट मांगी है. वहीं हर किसी के जुबान पर ये सवाल है कि 4 साल का मासूम बच्चा क्या समझता भी है कि छेड़छाड़ क्या होती है. आखिर उस बच्चे ने ऐसा क्या किया था?
वहीं उस बच्चे को स्कूल से निकालने की बात की जा रही है. इसके लिए उसके मां बाप को हिदायत भी दे दी गई है. पुलिस प्रशासन को भी इसके लिए लेटर भेजा जा चुका है. डिप्टी कमिश्नर के अनुसार इस पूरी घटना की छानबीन की जा रही है. इसके बाद ही किसी तरह का फैसला लिया जाएगा.
आपको क्या लगता है एक 4 साल का बच्चा क्या इस तरह की हरकत कर सकता है? प्रशासन इसको किस तरह से लेगी? बच्चे के मां बाप इस बात को किस प्रकार से लेंगे.
ये घटना क्यों हुई इससे ज्यादा जानना ये जरूरी है कि इस बच्चे ने ऐसा कैसे कर दिया. अगर कर भी दिया तो क्यों किया. एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चे को पहले पूरी तरह से समझना होगा. ये भी कहा जा सकता है कि क्या बच्चे के साथ इस तरह का हरकत हुई है पहले, जिससे कि बच्चा वही कर रहा है जो उसके साथ पहले से हो चुका है. कही ये किसी घटना का खुलासा तो नहीं. इस बात के लिए बच्चे और पेरेंट्स की हरकतों का पता करना बहुत जरूरी है. बच्चा क्या मोबाइल या टीवी पर गलत हरकतें देखता है.
अगर कानून की बात करें तो हर देश के कानून क्रिमिनल लायबिलिटी न्यूनतम उम्र देख कर ही निर्णय लेता है. धारा के 82 अनुसार जो आईपीसी 1860 के तहत आता है. 7 वर्ष के नीचे किया हुआ कोई भी कृत्य अपराध नहीं माना जाता है.