मुंबई : भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 86.50 के स्तर पर सकारात्मक रुख के साथ खुला, लेकिन सत्र के अंत तक इसमें मामूली गिरावट आई और यह 86.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. पिछले बंद भाव के मुकाबले इसमें चार पैसे की गिरावट देखी गई.
विशेषज्ञों के मुताबिक, 10 फरवरी के बाद से रुपए ने बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया है और आने वाले हफ्ते में भी यह ट्रेंड जारी रह सकता है. हालांकि, यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि डॉलर इंडेक्स किस तरह की गिरावट दिखाता है. जानकारों का मानना है कि यूएस के हालिया आर्थिक आंकड़े डॉलर इंडेक्स में गिरावट का कारण बने हैं, और यह अगले हफ्ते और भी गहरा सकता है.
अमेरिका के हालिया आर्थिक आंकड़े कमजोर दिखे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनवरी में अमेरिका में पहले से स्वामित्व वाले घरों की बिक्री में 4.9% की कमी आई है, जो उच्च लेंडिंग रेट्स और महंगाई के कारण हुआ. इसके साथ ही, मिशिगन यूनिवर्सिटी द्वारा जारी कंज्यूमर कॉन्फीडेंस सर्वे में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे यह अनुमान है कि डॉलर इंडेक्स अगले हफ्ते और कमजोर हो सकता है.
अभी डॉलर इंडेक्स 107 के स्तर से नीचे गिरकर 106.64 पर बंद हुआ है. पिछले एक महीने में इस इंडेक्स में 0.75% की गिरावट आई है, जबकि तीन महीने में यह 0.85% और इस साल अब तक 1.7% नीचे आया है.
इसके साथ ही, डॉलर इंडेक्स में गिरावट का फायदा भारतीय रुपया उठा सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले हफ्ते डॉलर में गिरावट के कारण रुपये में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है. फरवरी के शुरुआती दिनों में, रुपया 88 के करीब था, लेकिन अब इसमें करीब डेढ़ प्रतिशत की रिकवरी हो चुकी है और यह 86.68 प्रति डॉलर पर पहुंच चुका है.
हालांकि, भारतीय शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों की निकासी के कारण रुपये पर दबाव भी बना हुआ है. इसके बावजूद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये की गिरावट पर कुछ राहत दी है.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के करेंसी कमोडिटी हेड, अनुज गुप्ता ने कहा कि डॉलर के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा कि रुपया कैसे काम करेगा. उन्होंने कहा, "यूएस के कमजोर आर्थिक आंकड़े डॉलर पर दबाव बना सकते हैं, जिसका फायदा रुपये को मिल सकता है."
वहीं, मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च ऐनालिस्ट, अनुज चौधरी का मानना है कि रुपये पर नकारात्मक दबाव बना रहेगा, लेकिन रिजर्व बैंक का हस्तक्षेप और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रुपये को सहारा दे सकती है. उनका अनुमान है कि डॉलर-रुपया हाजिर कीमत 86.50 से 87 के बीच रह सकती है.
अगले हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन यह पूरी तरह से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉलर में और गिरावट आती है, तो रुपये को इससे फायदा हो सकता है.