जम्मू : जम्मू-कश्मीर के कटरा इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें तीर्थयात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई. यह घटना जम्मू के मांडा इलाके में शनिवार सुबह हुई. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है, और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बस कटरा से जम्मू की ओर जा रही थी, जिसमें कुल 19 यात्री सवार थे. जैसे ही यह हादसा हुआ, बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए गए. जम्मू के एसएसपी (ट्रैफिक) फैसल कुरैशी ने बताया, "हादसे के समय बस में 19 यात्री सवार थे. अब लगभग सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है."
एसएसपी ने यह भी जानकारी दी कि बस का चालक अब भी खाई में फंसा हुआ है. उसे निकालने के लिए पूरी टीम जुटी हुई है. हालांकि, बाकी सभी यात्री अब खतरे से बाहर हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है. घटना के बाद, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है.
इस दुर्घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और जांच जारी है. फिलहाल यह देखना होगा कि यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, जिससे इस तरह के हादसों से बचाव किया जा सकता है.
#WATCH | SSP Traffic, Jammu, Fiesel Qureshi says, "This bus was going from Katra to Jammu. 19 passengers were there. Almost all of them have been rescued. The driver is still stuck there, and we are trying to rescue him. All the passengers are stable..." https://t.co/w6DVmJVKJN pic.twitter.com/BuqY1QEFhv
— ANI (@ANI) February 22, 2025
इससे पहले, 21 फरवरी को जम्मू के सांबा जिले के राजपुरा तहसील स्थित चक दुल्मा गांव में एक स्कूल बस पलट गई. इस दुर्घटना में बस में छह छात्र सवार थे. गनीमत रही कि बस की गति धीमी थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया. बस के सहचालक ने तत्परता से बच्चों को बाहर निकाल लिया, जिससे किसी के भी जान की हानि नहीं हुई.
इस दुर्घटना में दो छात्रों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया. हादसे के बाद, बच्चों के परिवार वालों को सूचित किया गया और उनकी स्थिति अब स्थिर है.
बस के सहचालक ने बताया कि अगर बस की गति तेज होती, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था. लेकिन क्योंकि बस धीमी गति से चल रही थी, इसलिए बड़ा नुकसान होने से बच गया. सहचालक की तत्परता और सजगता ने बच्चों की जान बचाई.