Uttarakhand Avalanche: उत्तराखंड के चमोली जिलेके पास एक बड़ा हिमस्खलन की खबर सामने आई है. जिसके कारण सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के साथ काम कर रहे 57 मजदूर के फंसे होने की संभावना है. यह घटना भारत-चीन सीमा के पास की बताई जा रही है.
राज्य के मुखयमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 16 श्रमिकों को बचा लिया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों के सहयोग से बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द सभी फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया जाएगा.
#WATCH | Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami says, "57 of the BRO workers were trapped in the avalanche, out of which 16 workers have been rescued. All preparations have been made. We are taking help from the ITBP. The district administration and all others are in touch, and we… https://t.co/DCJxI4ykQ9 pic.twitter.com/zayplFhsYv
— ANI (@ANI) February 28, 2025
सीएम धामी ने की चिंता जाहिर
सीएम धामी ने फंसे हुए मजदूरों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कहा कि मुझे दुखद समाचार मिली है कि माना गांव के पास बीआरओ के निर्माण कार्य के दौरान हिमस्खलन के कारण कई श्रमिक फंस गए हैं. आईटीबीपी, बीआरओ और अन्य दल बचाव अभियान चला रहे हैं. मैं भगवान बद्री विशाल से सभी श्रमिक भाइयों की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं. उन्होंने बताया कि जिन लोगों को बाहर निकाला गया है उन्हें आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
#WATCH | Chamoli DM Sandeep Tiwari says, "...Information about an avalanche has been received. Around 57 labourers of BRO (Border Roads Organisation), who undertake snow-clearing operations, had camped there. Our teams have been mobilised - ITBP, SDRF and Administration. There is… https://t.co/DCJxI4ykQ9 pic.twitter.com/ETGDW0u53M
— ANI (@ANI) February 28, 2025
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि हिमस्खलन ने बीआरओ के कार्य स्थल को प्रभावित किया. जिससे कई श्रमिक बर्फ और मलबे के नीचे दब गए. बीआरओ के कार्यकारी अभियंता सीआर मीना ने पुष्टि की कि घटनास्थल पर तीन से चार एंबुलेंस भेजी गई हैं, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है.