Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई गई है. इस भीड़ को मैनेज करने के लिए मंदिर प्रशासन ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है. प्रशासन की ओर से बताया गया है कि 25 से 27 फरवरी 2025 तक प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था यानी VIP दर्शन पर रोक लगा दी गई है.
मंदिर प्रशासन के अनुसार इस दौरान पूज्य साधु-संतों और नागा साधुओं के दर्शन एवं पूजन को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है. मंदिर के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से सहयोग करने और प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की है.
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को दूर से ही महादेव के दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी. यहां तक कि VIP पास धारकों को भी दूर से ही दर्शन करना होगा. जिससे सभी को सुगम और समान दर्शन का अवसर मिल सके. प्रशासन की ओर से बताया गया कि महाकुंभ के दौरान काशी में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है. 1-17 फरवरी के बीच 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए हैं. वहीं महाकुंभ के आखिरी दिनों में भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
बाबा विश्वनाथ मंदिर के अधिकारियों का कहना है कि इस बार दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जिसकी वजह से सड़कों और परिवहन केंद्रों पर अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए यूपी प्रशासन ने 27 जनवरी से वाराणसी में कक्षा 8 तक के स्कूलों को बंद कर दिया है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि महाकुंभ के कारण लाखों श्रद्धालु प्रयागराज से काशी पहुंच सकते हैं. जिससे रेलवे स्टेशनों, बस डिपो और गोदौलिया, दशाश्वमेध, मैदागिन जैसे प्रमुख जगहों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ सकती है. आने वाली इस भीड़ के लिए सुरक्षा के सख्त इंतजाम भी किए गए हैं.