Sonia Gandhi on Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पास होने के बाद अब राज्यसभा में पेश होने के लिए पूरी तरह तैयार है. हालांकि विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार इस विधेयक पर विरोध जताया जा रहा है. इसी क्रम में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने वक्फ विधेयक संविधान पर एक खुला हमला किया है.
राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने इस बिल पर हमला बोलते हुए कहा कि समाज को स्थायी रूप से ध्रुवीकृत रखने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रणनीति का हिस्सा है. सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश को रसातल में ले जा रही है. जहां संविधान केवल कागजों पर रह जाएगा. सोनिया गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उनका इरादा संविधान को ध्वस्त करना है.
वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में सोनिया गांधी ने कहा कि इसे लोकसभा में ‘बुलडोजर’ से पारित कर दिया गया है. वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार के उद्देश्य से बनाया गया एक कानून है, जो इस्लामी कानून के तहत धार्मिक या सामाजिक उद्देश्यों के लिए दान की गई धर्मार्थ संपत्तियां हैं. यह विधेयक वक्फ बोर्डों और उनके कामकाज की दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने का प्रयास करता है. लोकसभा से 12 घंटों तक जबरदस्त बहस और हंगामें के बाद इस विधेयक को पास कर दिया गया. इस दौरान विपक्षी गुट 'इंडिया गठबंधन' के सदस्यों ने इस विधेयक का जमकर विरोध किया. जबकि भाजपा और उसके सहयोगियों ने इसे 'मुस्लिम विरोधी' होने के दावों से इनकार किया.
सरकार की ओर से कहा गया कि इससे पारदर्शिता आएगी और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता बढ़ेगी. कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की बैठक में गुरुवार को सोनिया गांधी ने पार्टी सांसदों से भारत को निगरानी राज्य में बदलने की मोदी सरकार की मंशा को उजागर करने के लिए कहा. इसके अलावा सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक' संविधान का एक और उल्लंघन है. सत्तारूढ़ एनडीए ने इसका पुरजोर बचाव करते हुए इसे अल्पसंख्यकों के लिए फायदेमंद बताया, जबकि विपक्ष ने इसे मुस्लिम विरोधी करार दिया. लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत पड़े.