Parliament Winter Session 2023: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले आज यानि शनिवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई. इस दौरान सरकार ने कहा कि वो शीतकालीन सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है. हमने विपक्ष से कहा है कि वो रचनात्मक चर्चा करें. सर्वदलीय बैठक खत्म होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार रचनात्मक चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है. हमने विपक्ष से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से संचालित होने देने का अनुरोध किया है.
हमने उनके सभी सुझावों को सकरात्मक रूप से लिया है. सरकार की तरफ से 19 विधेयक और दो वित्तीय विषयों पर विचार किया जा रहा है. प्रह्लाद जोशी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसम्बर से शुरू होकर 22 दिसम्बर तक चलेगा. इन 19 दिनों के दौरान 19 बैठकें की जाएंगी.
सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए ये नेता
इस सर्वदलीय बैठक के दौरान केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, गौरव गोगोई, प्रमोद तिवारी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता फौजिया खान और आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन सहित अन्य नेताओं ने शिरकत की.
क्या बोलो यूपी की पूर्व सीएम मायावती?
इस सर्वदलीय बैठक को लेकर यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि संसद के आगामी 4 शीतकालीन सत्र 4 दिसम्बर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक में बीएसपी द्वारा सरकार से देश में जातीय जनगणना कराए जाने की माँग पुनः की गई. अब जबकि इसकी माँग देश के कोने-कोने से उठ रही है, केन्द्र सरकार द्वारा इस बारे में अविलम्ब सकारात्मक कदम उठाना जरूरी.
1. संसद के आगामी 4 दिसम्बर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक में बीएसपी द्वारा सरकार से देश में जातीय जनगणना कराए जाने की माँग पुनः की गयी। अब जबकि इसकी माँग देश के कोने-कोने से उठ रही है, केन्द्र सरकार द्वारा इस बारे में अविलम्ब सकारात्मक कदम उठाना जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) December 2, 2023
राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर अपनी चिंता जाहिर की है. इसमें चीन का हमारी जमीन हड़पना, मणिपुर, महंगाई, प्रवर्तन निदेशालय( ईडी) और ससीबीआई का दुरुपयोग शामिल है.
शीतकालीन सत्र के दौरान इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
इस शीतकालीन सत्र के दौरान कई खास विधेयकों पर चर्चा की जा सकती है. जिसमें ब्रिटिश कालीन तीन अपराध कानूनों - भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए लाए गए कानून भी शामिल हैं. साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित एक अन्य खास विधेयक भी संसद में लंबित है.