' ये लोग कौन हैं और उनकी साख क्या है?', कुणाल कामरा के बयान पर भड़की कंगना

कुणाल कामरा द्वारा दिए गए बयान को लेकर लगातार बवाल मचा है. इसी बीच हिमाचल के मंडी क्षेत्र की लोकसभा सांसद कंगना रनौत ने भी इसपर अपनी टिप्पणी दी है. जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि ये केवल 2 मिनट के फेम के लिए किया गया स्टंट है.

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Courtesy: Social Media

Maharashtra Political Controversy: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर कुणाल कामरा द्वारा की गई टिप्पणी ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी. इसी क्रम में बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कामरा द्वारा की गई टिप्पणी पर हमला बोला है. उन्होंने समाज की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो मिनट के फेम के लिए ऐसी टिप्पणियां की जाती है. 

कंगना रनौत ने कहा कि हमें सोचना चाहिए कि समाज किस दिशा में जा रहा है, जब कोई व्यक्ति केवल दो मिनट की प्रसिद्धि के लिए ऐसा करता है. आप कोई भी हो सकते हैं, लेकिन किसी का अपमान और बदनामी कर रहे हैं. एक व्यक्ति जिसके लिए उसका सम्मान ही सब कुछ है. आप उसका अपमान और अवहेलना कर रहे हैं.

कंगना के गंभीर आरोप 

मंडी सांसद ने कंगना रनौत ने कामरा की आलोचना करते हुए कहा कि ये लोग कौन हैं और उनकी साख क्या है?  कॉमेडी के नाम पर लोगों और हमारी संस्कृति का अपमान करना सही नहीं. उन्होंने कहा कि अगर वो लिख सकते हैं तो उन्हें साहित्य में लिखना चाहिए ना की कॉमेडी के नाम पर मजाक बनाना चाहिए. यह पूरा मामला लगातार सुर्खियों में है. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने खुद भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मजाक के नाम पर ऐसा करना सही नहीं है. आपको बोलने का अधिकार जरूर है, लेकिन किसी का अपमान करने का नहीं. यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कामरा ने अपने शो के दौरान दिल तो पागल है के एक गाने की पैरोडी करने के बाद शुरू हुआ. इस दौरान उन्होंने शिंदे को गद्दार कहा, जिसके बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन और तोड़फोड़ की. 

रानजीतिक गलियारों में हलचल तेज

कामरा द्वारा दिए गए इस बयान के बाद लगातार रानजीतिक बयान बाजी चल रही है. इस मुद्दे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कामरा की आलोचना की है. साथ ही मांफी की भी मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि कामरा का मकसद केवल एकनाथ शिंदे को नीचा दिखाना था. साथ ही उन्होंने विपक्षी पार्टी पर भी हमला बोला है, जो लगातार कामरा का समर्थन कर रही है. उन्होंने बोलेने के अधिकार का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. साथ ही चेतावनी दी कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान करने से उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है.

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