चाय की खुशबू को एक चाय वाले से बेहतर कौन समझ सकता है… असम में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों असम के दौरे पर हैं और गुवाहाटी में आयोजित ‘झुमोइर बिनंदिनी’ कार्यक्रम में भाग लिया. असम के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने चाय बगानों की महक और उनकी सुंदरता का जिक्र करते हुए कहा कि चाय की असली खुशबू को एक चाय वाले से बेहतर कोई नहीं समझ सकता. 

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Courtesy: social media

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों असम के दौरे पर हैं और गुवाहाटी में आयोजित ‘झुमोइर बिनंदिनी’ कार्यक्रम में भाग लिया. असम के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने चाय बगानों की महक और उनकी सुंदरता का जिक्र करते हुए कहा कि चाय की असली खुशबू को एक चाय वाले से बेहतर कोई नहीं समझ सकता. 

चाय बगानों की खुशबू और रंगीन उत्सव

गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने वहां के उत्साह और उमंग से भरे वातावरण को महसूस किया. यहां के झूमर नृत्य के कलाकारों की मेहनत साफ दिखाई दे रही है. इस जबरदस्त उत्सव में चाय बगानों की खुशबू और उनकी सुंदरता भी महसूस हो रही है. चाय की खुशबू को एक चाय वाले से ज्यादा कौन जान सकता है?" 

असम की शास्त्रीय भाषा और ऐतिहासिक कदम

पीएम मोदी ने असमिया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की अहम बात साझा की. उन्होंने बताया कि असम के लोग दशकों से इस सम्मान का इंतजार कर रहे थे, और यह सरकार की बड़ी उपलब्धि है. साथ ही उन्होंने कहा, "मैं असम के काजीरंगा में रुकने वाला पहला प्रधानमंत्री हूं, और दुनिया को इसकी जैव विविधता से परिचित कराया है."

चराईदेव मोइदम को मिली विश्व धरोहर की मान्यता

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि असम के चराईदेव मोइदम को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है. उन्होंने इस उपलब्धि के लिए भाजपा सरकार की कड़ी मेहनत को श्रेय दिया और कहा कि यह असम के लिए गर्व की बात है.

चाय श्रमिकों के लिए विशेष पहल

चाय श्रमिकों की आय सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ने असम चाय निगम के कर्मचारियों के लिए बोनस की घोषणा की. खासकर, चाय बागानों में काम करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए ₹15,000 की आर्थिक मदद देने की योजना शुरू की गई है. यह कदम गर्भवती महिलाओं को विशेष सहायता प्रदान करेगा जो अक्सर अपनी स्थिति के कारण कई चुनौतियों का सामना करती हैं.

पारंपरिक ढोल धोमसा बजाते पीएम मोदी

असम दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चाय बागान समुदाय के पारंपरिक ढोल धोमसा को भी बजाया. इस खास मौके का वीडियो असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ अन्य लोग भी इस पारंपरिक संगीत का आनंद लेते नजर आए.
 

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