दक्षिण की राजनीति में आएगा बदलाव? AIADMK ने अमित शाह से की मुलाकात

तमिलनाडु में अगले साल चुनाव होना है. उससे पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. AIADMK नेताओं ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मंगलवार को उनके आवास पर मुलाकात की है. जिसके बाद दोनों पार्टियों में गठबंधन की खबर तेज हो गई है.

Date Updated
फॉलो करें:
Courtesy: Social Media

AIADMK BJP Alliance: तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है. उससे पहले राज्य की राजनीति में धीरे-धीरे बदलाव होता नजर आ रहा है. एआईएडीएमके महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है. 

बीजेपी नेता और  AIADMK के इस मुलाकात के बाद एक बार फिर से राज्य में भाजपा और  एआईएडीएमके के संभावित गठबंधन पर चर्चा शुरू हो गई है. मिल रही जानकारी के मुताबिक यह मुलाकात राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अमित शाह के आवास पर हुई है. इस दौरान एआईएडीएमके नेता एम थंबीदुरई भी मौजूद नजर आए. 

अमित शाह के साथ कई मुद्दों पर चर्चा

एआईएडीएमके के नेताओं ने इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से कई मुद्दों पर चर्चा की. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम नेता ने तमिलनाडु में कथित तौर पर हिंदी थोपे जाने पर चिंताएं भी शामिल थीं. इस मामले पर उन्होंने अपनी पार्टी का रुख बताया है. बता दें कि तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके ने भाजपा के राज्य नेतृत्व के साथ मतभेदों के कारण 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सितंबर 2023 में भाजपा के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर लिया था.

जिसके बाद एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा से मुलाकात की और तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई की आक्रामक राजनीति पर चिंता व्यक्त की. द्रविड़ नेता सीएन अन्नादुरई पर टिप्पणी के लिए या तो उनसे माफ़ी मांगने या उनके स्थान पर किसी और को लाने की मांग की थी. अन्नामलाई ने तब से एआईएडीएमके पर अपना रुख नरम कर लिया है.

तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव संभव

AIADMK और बीजेपी के इस मुलाकात से संभावना जताई जा रही है कि दोनों गठबंधन में चुनाव लड़ सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो वे राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक को कड़ी चुनौती देंगे. हालांकि पिछले कुछ सालों में राज्य में एआईएडीएमके के वोट शेयर में गिरावट देखी गई है. हाल के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में एआईएडीएमके ने मजबूत प्रदर्शन करने के लिए संघर्ष किया है. पार्टी के परफॉर्मेंस में गिरावट के पीछे आंतरिक गुटबाजी बताई जा रही है.

वहीं लोकसभा चुनाव में एक भी सीट हासिल करने में विफल रहने के बाद भाजपा तमिलनाडु में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए उत्सुक है. 2019 के विधानसभा चुनावों में डीएमके ने 234 सदस्यीय सदन में 133 सीटें हासिल कीं.  तमिलनाडु में भाजपा और सत्तारूढ़ डीएमके के बीच कई मुद्दों पर टकराव चल रहा है. भाजपा नेताओं ने डीएमके पर भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए भाषा के मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.

Tags :