Gaganyaan Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चीफ एस सोमनाथ ने आज महिलाओं को लेकर एक बड़ी घोषणा की है.पूर्णमासी कावु मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन में अधिक से अधिक महिला अंतरिक्ष यात्रियों को शामिल करने की अपनी इच्छा जाहिर की है.
वहीं इसरो चीफ ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यात्रियों का चयन और प्रशिक्षण पहले ही किया जा चुका है, इसलिए पहले गगनयान मिशन में महिलाओं की भागीदारी संभव नहीं होगी। इस गगनयान मिशन का उद्देश्य इंसानों को अंतरिक्ष में भेजना और सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाना भी.
प्रधानमंत्री मोदी सहित देश उठाई आवाज: इसरो चीफ
इसरो चीफ एस सोमनाथ द्वारा भविष्य के आगामी गगनयान मिशनों के लिए यह इच्छा जाहीर की गई है. उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करने के दौरान कहा, “अंतरिक्ष अभियानों में ज्यादा महिला अंतरिक्ष यात्री मेरी विश लिस्ट का हिस्सा हैं और मैंने केवल प्रधानमंत्री मोदी सहित देश की आवाज उठाई है.”
अगले वर्ष महिला रोबोट भेजेगा इसरो
इससे पहले इसरो चीफ एस सोमनाथ ने कहा था कि इसरो अपने बहुप्रतीक्षित मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम गगनयान के लिए महिला पायलटों या महिला वैज्ञानिकों को शामिल करेगा जिन्हें भविष्य में भेजना आसान होगा. उन्होंने यह भी कहा था कि इसरो अगले साल अपने मानव रहित गगनयान अंतरिक्ष मिशन पर एक महिला ह्यूमनॉइड (एक रोबोट जो मानव जैसा दिखता है) को भेजेगा.
इस मिशन के दौरान धरती की निचली सतह में जाएंगे इंसान
इस गगनयान मिशन का लक्ष्य इंसानों को तीन दिनों के लिए 400 किलो मीटर पृथ्वी की निचली कक्षा में अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लाना है. सोमनाथ ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि हमें भविष्य में योग्य महिला उम्मीदवारों का पता लगाना होगा.