Chandigarh: चंडीगढ़ में रोज निकलता है 374 मीट्रिक टन कूड़ा, गीले कचरे की होगी कंपोस्टिंग

Chandigarh: चंडीगढ़ में आज से अस्थाई कंपोस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा, ताकि गीले कचरे की प्रोसेस की जाए. इसकी शुरूआत डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर की गई है. वहीं ये प्लांट दो वर्ष तक कार्य करने वाला है. जबकि इन 2 वर्षों में गीले कचरे को कंपोस्ट करने के लिए एक दूसरा प्लांट लग रहा है. […]

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Chandigarh: चंडीगढ़ में आज से अस्थाई कंपोस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा, ताकि गीले कचरे की प्रोसेस की जाए. इसकी शुरूआत डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर की गई है. वहीं ये प्लांट दो वर्ष तक कार्य करने वाला है. जबकि इन 2 वर्षों में गीले कचरे को कंपोस्ट करने के लिए एक दूसरा प्लांट लग रहा है. जिसकी शुरूआत के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा.

प्लांट में होगा प्रोसेस का कार्य

मिली जानकारी के मुताबिक प्रत्येक दिन निकलने वाले 374 मीट्रिक टन कूड़े की प्रक्रिया इसी प्लांट में करने की बात कही जा रही है. हालांकि चंडीगढ़ में केवल 200 मीट्रिक टन प्रोसेस करने की ही क्षमता बताई जा रही है. इसके साथ ही बचे हुए कूड़े को डंपिंग ग्राउंड में छोड़ा जाता है. जिसकी वजह से वहां कूड़े का पहाड़ बनने लगा है.

550 मीट्रिक टन का प्लांट

चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से एक नया प्लांट लगाने की मंजूरी दे दी गई है. वहीं बताया जा रहा है कि, ये प्लांट 550 मीट्रिक टन प्रतिदिन कूड़े की कंपोस्टिंग करने की क्षमता रखने वाला होगा. जिसे 17 सालों के लिए लगाने की बात सामने आई है. जिसमें 2 साल उसे तैयार करने में लगेंगे. इसके साथ ही 15 सालों तक जो भी कंपनी ये प्लांट लगाएगी. उसका रखरखाव होगा.

2022 दी गई थी 28.5 करोड की ग्रांट

वहीं साल 2022 में आवास व शहरी मामलों को लेकर मंत्रालय ने डड्डूमाजरा डंपिंग साइट से 7.7 लाख मीट्रिक टन कचरा कंपोस्ट करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन को 28.5 करोड रुपए ग्रांट को मंजूरी मिली थी.जिसके बाद से ही यहां पर डंप पड़े कचरे को कंपोस्ट करने का कार्य किया जा रहा है.