धरती पर लौटने को तैयार सुनिता और विल्मोर, शरीर में हो सकती है ये परेशानियां
पृथ्वी पर वापसी
सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर जल्द ही पृथ्वी पर वापसी करने वाला है.
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19 मार्च से पहले वापसी
नौ महीने से अंतरिक्ष में फंसे नासा वैज्ञानिक 19 मार्च से पहले पृथ्वी पर लौटने वाला है.
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शारिरिक चुनौतियां
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वापसी के बाद उन्हें शारिरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
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ग्रेविटी
नासा के अनुसार अंतरिक्ष यात्रियों को शरीर पर पृथ्वी के ग्रेविटी की कमी के कारण हड्डियों के घनत्व और मांसपेशियों के शोष का अनुभव होता है.
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स्वास्थ्य समस्या
व्यायाम से इसको अगर सामान्य नहीं किया गया तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या को जन्म दे सकता है.
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हो सकती है ये परेशानी
अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के कारण मानव हृदय, मस्तिष्क और संचार प्रणाली भी प्रभावित हो सकती है.
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स्पेसफ्लाइट एसोसिएटेड न्यूरो-ओकुलर सिंड्रोम
नासा के अनुसार मस्तिष्क पर दबाव के कारण स्पेसफ्लाइट एसोसिएटेड न्यूरो-ओकुलर सिंड्रोम (SANS) नामक विकार का कारण बनती है.
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ओवल आकार
अंतरिक्ष में हृदय ओवल आकार से गोल आकार में बदल जाता है और मांसपेशी शोष रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है. जिसके कारण परेशानी बढ़ सकती है.
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रक्त की कमी
पृथ्वी पर लौटने पर रक्त की मात्रा में कमी, रक्तचाप को नियंत्रित करना मुश्किल, चक्कर आना, मतली और बेहोशी के दौरे पैदा कर सकती है.
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